भारतीय खानपान में Curd यानी दही को बेहद पौष्टिक माना जाता है। यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ नहीं है, बल्कि पोषण का एक बड़ा स्रोत भी है। दही में प्रोटीन, हेल्दी फैट, प्राकृतिक शुगर और सबसे महत्वपूर्ण प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। यही कारण है कि इसे अक्सर एक तरह का सुपरफूड भी कहा जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रूप से दही का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, इम्यूनिटी बेहतर होती है और शरीर में होने वाली सूजन यानी इंफ्लेमेशन भी कम होती है। एक अध्ययन, जो National Library of Medicine में प्रकाशित हुआ है, उसके मुताबिक अगर दही को संतुलित आहार के साथ नियमित रूप से खाया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर का खतरा लगभग 16 से 20 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
दही दिल की सेहत के लिए भी काफी लाभकारी मानी जाती है। इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। सोडियम की अधिक मात्रा ब्लड प्रेशर बढ़ने का एक बड़ा कारण होती है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर में सूजन को कम करने के साथ-साथ खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने में भी सहायक होते हैं, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।
पाचन के लिहाज से भी दही काफी फायदेमंद है। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और Irritable Bowel Syndrome जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। इसके अलावा दही का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।
दही हड्डियों और दांतों की सेहत के लिए भी उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इसके अलावा त्वचा और बालों के लिए भी दही लाभकारी है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को नमी देता है और बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
हालांकि दही खाने का सही समय भी महत्वपूर्ण होता है। आमतौर पर विशेषज्ञ दोपहर के समय दही खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस समय शरीर की पाचन क्षमता सबसे बेहतर होती है। रात में दही खाना कुछ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सर्दी, खांसी या सांस से जुड़ी समस्या रहती है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि दही ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद जरूर कर सकती है, लेकिन यह दवाओं का विकल्प नहीं है। ब्लड प्रेशर को सही रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी उतने ही जरूरी हैं।
कुछ लोगों को दही का सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए। जिन लोगों को Lactose Intolerance की समस्या है, किडनी से जुड़ी बीमारी है या गंभीर एसिडिटी और स्किन एलर्जी की शिकायत रहती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही दही खाना चाहिए। इसी तरह आर्थराइटिस या सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
अगर संतुलित मात्रा में और सही समय पर दही को भोजन में शामिल किया जाए, तो यह शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।