आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग समय बचाने के लिए कई तरह के आसान तरीके अपनाते हैं। उन्हीं में से एक आदत है रात में ही आटा गूंथकर रख देना ताकि सुबह जल्दी-जल्दी रोटियां बनानी आसान हो जाएं। यह तरीका सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकती है। कई घरों में यह रोजमर्रा की आदत बन चुकी है, लेकिन लंबे समय तक रखा हुआ गूंथा आटा धीरे-धीरे अपनी गुणवत्ता और ताजगी खो देता है, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
दरअसल गूंथे हुए आटे में नमी अधिक होती है और जब इसे कई घंटों तक रखा जाता है तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। खासकर गर्म मौसम में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। अगर ऐसे आटे से बनी रोटियां खाई जाएं तो पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे संक्रमण, दर्द या दस्त की समस्या भी हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आटा ज्यादा देर तक गूंथकर रखने से बचना चाहिए।
लंबे समय तक रखा हुआ आटा पोषण के मामले में भी कमजोर हो जाता है। ताजा गूंथे आटे में मौजूद कई जरूरी पोषक तत्व समय के साथ धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। इसका मतलब यह है कि जब हम रातभर रखा हुआ आटा इस्तेमाल करते हैं तो शरीर को उतना पोषण नहीं मिल पाता जितना ताजे आटे से बनी रोटियों से मिलता है।
इसके अलावा पाचन से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। कई बार रातभर रखा आटा हल्का खट्टा होने लगता है, क्योंकि उसमें धीरे-धीरे फर्मेंटेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। ऐसे आटे की रोटियां खाने से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जिन लोगों का पाचन तंत्र पहले से कमजोर होता है, उनके लिए यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है।
स्वाद और गुणवत्ता के लिहाज से भी लंबे समय तक रखा आटा अच्छा नहीं माना जाता। जब आटा ज्यादा देर तक रखा रहता है तो उसकी प्राकृतिक खुशबू और ताजगी खत्म होने लगती है। इससे बनी रोटियां अक्सर सख्त या हल्की खट्टी हो सकती हैं, जिससे खाने का स्वाद भी खराब हो जाता है।
फूड सेफ्टी के नजरिए से भी यह आदत ठीक नहीं मानी जाती। कई लोग सोचते हैं कि अगर आटे को फ्रिज में रख दिया जाए तो वह पूरी तरह सुरक्षित रहता है, लेकिन कई बार फ्रिज में रखने के बावजूद उसमें हल्का फर्मेंटेशन शुरू हो सकता है। इससे खाने की गुणवत्ता प्रभावित होती है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा जरूरत के अनुसार ही ताजा आटा गूंथकर इस्तेमाल करना सबसे अच्छा विकल्प होता है। अगर किसी मजबूरी में पहले से आटा गूंथना पड़े तो उसे अच्छी तरह ढककर फ्रिज में रखा जाना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि उसे ज्यादा देर तक स्टोर न किया जाए। ताजे आटे से बनी रोटियां न केवल स्वादिष्ट होती हैं बल्कि शरीर को पूरा पोषण भी देती हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो थोड़ी सी सुविधा के लिए अपनाई जाने वाली यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। इसलिए बेहतर यही है कि जहां तक संभव हो ताजा आटा गूंथकर ही रोटियां बनाई जाएं ताकि स्वाद और सेहत दोनों सुरक्षित रह सकें।