अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज कमी आई है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में हलचल देखी जा रही है।
India Bullion and Jewellers Association के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 1,963 रुपये की गिरावट आई है, जिसके बाद 10 ग्राम सोना लगभग 1.56 लाख रुपये पर आ गया है। इससे पहले 13 मार्च को सोने का भाव करीब 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था।
वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। एक किलो चांदी का भाव करीब 7,695 रुपये घटकर लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलो रह गया है, जबकि इससे पहले इसका भाव करीब 2.60 लाख रुपये प्रति किलो था। पिछले दो कारोबारी दिनों में सोना करीब 3,867 रुपये और चांदी करीब 15,508 रुपये तक सस्ती हो चुकी है।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे वैश्विक राजनीतिक हालात बड़ी वजह माने जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका, इजराइल तथा ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसी वजह से निवेशकों के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है, जिसका असर कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है।
दरअसल इस साल सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। साल के अंत में सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपये थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद से कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है और अब तक सोना लगभग 19 हजार रुपये सस्ता हो चुका है।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिसंबर के अंत में चांदी करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो जनवरी के अंत में बढ़कर लगभग 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद पिछले करीब डेढ़ महीने में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई और यह करीब 1.33 लाख रुपये तक सस्ती हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं। सबसे पहला कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता है। हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों के बाद यह संभावना कम हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा। ऐसे में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक अस्थिरता है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण बाजार में जोखिम बढ़ गया है और कई निवेशक फिलहाल नकद राशि अपने पास रखना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
तीसरी वजह तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट पर दिखाई दे रहा है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि शेयर बाजार में नुकसान झेल रहे निवेशक सोने और चांदी में मुनाफा वसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आई है। उनके अनुसार अगर मौजूदा रुझान जारी रहता है तो आने वाले समय में सोना करीब 1.50 लाख रुपये और चांदी लगभग 2.50 लाख रुपये तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ज्वेलरी खरीदते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक हमेशा Bureau of Indian Standards का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए, जिससे उसकी शुद्धता सुनिश्चित होती है। इसके साथ ही सोने की कीमत खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग कैरेट के अनुसार सोने के दाम अलग होते हैं।
कुल मिलाकर वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सोना और चांदी दोनों के बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों और खरीदारों के लिए फिलहाल बाजार की दिशा पर नजर रखना और सोच-समझकर फैसला लेना ज्यादा जरूरी माना जा रहा है।