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सिहावा की पहाड़ी पर मिला चमत्कारी कुंड: जहां कभी नहीं सूखता पानी, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम

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छत्तीसगढ़ के Dhamtari जिले का सिहावा अंचल हमेशा से अपनी धार्मिक महत्ता और प्राकृतिक रहस्यों के लिए जाना जाता रहा है। महानदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माना जाता है, जहां आस्था और इतिहास की अनुगूंज आज भी महसूस की जा सकती है। अब इसी पवित्र धरती पर एक ऐसा रहस्यमयी कुंड सामने आया है, जिसने लोगों की श्रद्धा को और गहरा कर दिया है।

नगरी ब्लॉक से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मुकुंदपुर की पहाड़ी पर Mukundpur Hill के बीच यह अनोखा स्थल मौजूद है। यहीं पर Agastya Rishi का आश्रम बताया जाता है, और पास ही उनके शिष्य सुतीक्षण मुनि की प्राचीन गुफा भी स्थित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2008 में चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां जब श्रद्धा का दीप प्रज्वलित किया गया, तब एक अद्भुत संकेत मिला, जिसने इस रहस्य के दरवाजे खोल दिए।

संकेत के आधार पर जब ग्रामीणों ने पहाड़ी पर खोजबीन की, तो एक बड़े पत्थर से ढका हुआ कुंड मिला। जैसे ही पत्थर हटाया गया, अंदर पानी से भरा एक स्रोत दिखाई दिया। चारों ओर पत्थरों से घिरा यह कुंड देखने में छोटा है, लेकिन इसकी सबसे चौंकाने वाली विशेषता यह है कि इसका पानी कभी सूखता नहीं। मौसम कोई भी हो, इस कुंड में पानी हमेशा भरा रहता है।

स्थानीय श्रद्धालु इसे किसी साधारण जल स्रोत के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे गंगा मैया की कृपा मानते हैं। यही वजह है कि यह स्थान धीरे-धीरे एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो गया है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। खास बात यह है कि भंडारे और पूजा के लिए उपयोग होने वाला पानी इसी कुंड से लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद जल स्तर में कोई कमी नहीं आती।

लोगों के बीच यह भी मान्यता है कि इस कुंड के जल में स्नान करने, पीने या शरीर पर छिड़काव करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कई असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं। यही कारण है कि श्रद्धालु इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते और इसे गंगा मैया की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं।

यह रहस्यमयी कुंड आज केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक अनसुलझा प्राकृतिक रहस्य भी बन चुका है। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे दिव्य चमत्कार के रूप में देखते हैं, वहीं दूसरी ओर यह वैज्ञानिकों और जिज्ञासुओं के लिए भी एक रोचक विषय बन गया है। बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों की यही विशेषता है कि यहां प्रकृति, इतिहास और आस्था एक साथ मिलकर ऐसी कहानियां रचते हैं, जो लोगों को आकर्षित भी करती हैं और सोचने पर मजबूर भी करती हैं।

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