वैश्विक स्तर पर चल रहे ऊर्जा संकट के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। United States ने ईरानी तेल खरीद पर 30 दिनों की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल आने की संभावना बन गई है। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है और India जैसे देशों को भी इससे राहत मिलने के संकेत हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं, जिससे आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के Dhamtari जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आस्था और रहस्य का अनोखा संगम पेश करती है। सिहावा अंचल, जिसे महानदी के उद्गम स्थल और सप्तऋषियों की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है, अब एक और अद्भुत खोज के कारण चर्चा में है।
नगरी ब्लॉक से कुछ दूरी पर स्थित Mukundpur Hill की पहाड़ी पर एक ऐसा कुंड मिला है, जिसने स्थानीय लोगों की श्रद्धा को और गहरा कर दिया है। इस स्थान को Agastya Rishi से जुड़ा माना जाता है और पास ही उनके शिष्य सुतीक्षण मुनि की प्राचीन गुफा भी बताई जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2008 में चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां एक संकेत मिलने पर पहाड़ी पर खोजबीन की गई थी। इसी दौरान एक पत्थर से ढका हुआ कुंड सामने आया। जब उस पत्थर को हटाया गया, तो अंदर पानी से भरा स्रोत दिखाई दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस कुंड का पानी कभी सूखता नहीं, चाहे मौसम कोई भी हो।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का मानना है कि यह कोई साधारण जल स्रोत नहीं, बल्कि गंगा मैया की कृपा का प्रतीक है। यही कारण है कि यह स्थल अब एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बनता जा रहा है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा, हवन और भंडारे का आयोजन होता है, जहां दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
खास बात यह है कि पूजा-पाठ और भंडारे के लिए इसी कुंड का पानी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद जल स्तर में कोई कमी नहीं आती। लोगों के बीच यह मान्यता भी है कि इस पानी से स्नान करने या शरीर पर छिड़काव करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कई बीमारियों से राहत मिलती है।
एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर तेल की राजनीति और आर्थिक फैसले आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिहावा की पहाड़ियों में मौजूद यह रहस्यमयी कुंड लोगों को आस्था और विश्वास से जोड़ रहा है। यह कहानी बताती है कि दुनिया चाहे कितनी भी आधुनिक क्यों न हो जाए, प्रकृति और विश्वास के ऐसे रहस्य हमेशा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहेंगे।