देश में साइबर ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसे ‘डिजिटल सेक्स ब्लैकमेल’ कहा जा रहा है। इस घोटाले में मासूम लोगों को पहले वीडियो कॉल के जरिए फंसाया जाता है, फिर उनकी एडिटेड या AI जनरेटेड वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आया कि कैसे एक रिपोर्टर ने खुद इस जाल में फंसकर पूरे गैंग के काम करने का तरीका उजागर किया।
रात के समय एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आता है। कॉल उठाते ही सामने एक युवती दिखती है, जो बिना बातचीत के ही आपत्तिजनक हरकतें शुरू कर देती है। कुछ ही सेकेंड में कॉल कट हो जाता है, लेकिन इसके बाद असली खेल शुरू होता है। कुछ ही मिनटों में वॉट्सऐप पर एडिटेड या AI से तैयार किया गया वीडियो भेजा जाता है और धमकी दी जाती है कि इसे परिवार और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
इसके बाद शुरू होता है मानसिक दबाव बनाने का सिलसिला—लगातार कॉल, धमकियां और पैसों की डिमांड। कई मामलों में 2 लाख रुपए तक की मांग की जाती है। पीड़ित को डराया जाता है कि उनका फोन हैक कर लिया गया है और उनके परिवार के नंबर भी उनके पास हैं। बदनामी के डर से कई लोग बिना शिकायत किए पैसे दे देते हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित गैंग है। एक बार अगर कोई व्यक्ति इनके जाल में फंसता है, तो अलग-अलग नंबरों से कई लोग उसे लगातार कॉल करके दबाव बनाते हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, विज्ञापन और लिंक के जरिए लोगों की जानकारी जुटाई जाती है और फिर उन्हें टारगेट किया जाता है।
इस पूरे नेटवर्क के तार देश के बाहर तक जुड़े होने की आशंका भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के कई गैंग सीमावर्ती क्षेत्रों या दूसरे देशों से ऑपरेट होते हैं और सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि ऐसे मामलों में अधिकांश पीड़ित पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते, क्योंकि उन्हें अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने का डर होता है। यही वजह है कि यह गैंग बेखौफ होकर लोगों को निशाना बनाते रहते हैं।
इस तरह के मामलों से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बेहद अहम हैं—अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल को रिसीव न करें, किसी भी संदिग्ध लिंक या विज्ञापन पर क्लिक न करें, और किसी भी प्रकार की धमकी मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें, ऐसी स्थिति में घबराकर पैसे देना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि अपराधियों को और बढ़ावा देना है।
कुल मिलाकर, ‘डिजिटल सेक्स ब्लैकमेल’ आज के डिजिटल दौर का एक गंभीर खतरा बन चुका है, जहां तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जागरूकता और सतर्कता ही इससे बचने का सबसे बड़ा हथियार है।