भारतीय तेज गेंदबाज Mohammed Shami पिछले एक साल से टीम इंडिया से बाहर हैं, लेकिन उनका हौसला और आत्मविश्वास अब भी पूरी तरह बरकरार है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में आखिरी बार भारत के लिए मैदान पर उतरे शमी इसके बाद से राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं, बावजूद इसके कि घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।
बंगाल के लिए खेलते हुए शमी ने रणजी ट्रॉफी, विजय हज़ारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया और 2025-26 सीज़न में कुल 67 विकेट झटके। इतने दमदार आंकड़ों के बावजूद टीम में उनकी वापसी नहीं हो पाना कई सवाल खड़े करता है।
कहा जा रहा है कि चोट से पूरी तरह फिट न होने के कारण शमी ने खुद ही कुछ अहम सीरीज से दूरी बनाई थी, लेकिन अब फिटनेस के बावजूद चयन नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर के साथ उनके मतभेद की खबरें भी सामने आईं, जिसने इस मुद्दे को और तूल दिया।
हालांकि इन सबके बीच शमी का फोकस पूरी तरह अपने खेल पर है। आईपीएल 2026 में वह Lucknow Super Giants की ओर से खेलते नजर आएंगे और नए सीजन में खुद को साबित करने के लिए तैयार हैं।
हाल ही में एक पॉडकास्ट में शमी ने अपने रिटायरमेंट को लेकर साफ शब्दों में कहा कि वह अभी इस बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक खेल के प्रति जुनून और उत्साह बना हुआ है, तब तक संन्यास का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें क्रिकेट खेलते हुए बोरियत महसूस होगी या अंदर से थकान महसूस होगी, उसी दिन वह इस खेल को अलविदा कह देंगे।
शमी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिलहाल अपने खेल का पूरा आनंद ले रहे हैं और मैदान पर अपना 100 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है संतुष्टि और सही रिदम में बने रहना, जिससे वह अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकें।
कुल मिलाकर, टीम इंडिया से दूरी के बावजूद मोहम्मद शमी का आत्मविश्वास डगमगाया नहीं है। अब उनकी नजरें आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी करने पर टिकी हैं।