सरकार ने छोटे निवेशकों को राहत देते हुए अप्रैल-जून (Q1 FY27) तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), पोस्ट ऑफिस FD और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) जैसी योजनाओं पर पहले जैसी ही ब्याज दरें मिलती रहेंगी। यह लगातार नौवीं तिमाही है, जब सरकार ने दरों को स्थिर रखा है।
इस फैसले के तहत PPF पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज दर जारी रहेगी। अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में भी ब्याज दरें 4% से 8.2% के बीच बनी रहेंगी। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इन दरों में बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद से अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें हर तीन महीने में रिव्यू की जाती हैं। इन्हें तय करने के लिए एक फॉर्मूला अपनाया जाता है, जिसे श्यामला गोपीनाथ समिति ने सुझाया था। इस फॉर्मूले के अनुसार, इन योजनाओं की ब्याज दरें समान अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड से थोड़ा अधिक रखी जाती हैं, ताकि निवेशकों को आकर्षक रिटर्न मिल सके।
ये योजनाएं भारत में घरेलू बचत का एक बड़ा स्रोत मानी जाती हैं। आम लोग सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न के लिए इन स्कीम्स को प्राथमिकता देते हैं। इन योजनाओं में जमा होने वाला पैसा नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जाता है, जिसका उपयोग सरकार विभिन्न विकास कार्यों के लिए करती है।
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स को तीन प्रमुख वर्गों में बांटा गया है। पहला, पोस्टल डिपॉजिट जिसमें सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट और टाइम डिपॉजिट शामिल हैं। दूसरा, सेविंग सर्टिफिकेट जैसे NSC और किसान विकास पत्र (KVP)। और तीसरा, सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स जैसे PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)।
कुल मिलाकर, ब्याज दरों में स्थिरता निवेशकों के लिए एक तरह से भरोसे का संकेत है। ऐसे समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, ये योजनाएं सुरक्षित और स्थिर रिटर्न का विकल्प बनी रहती हैं।