वैश्विक तनाव के बीच जहां आमतौर पर सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिलता है, इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। India Bullion and Jewellers Association के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है।
आज 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर करीब ₹5,346 तक टूटकर ₹1.46 लाख के स्तर पर आ गया है। एक दिन पहले यह ₹1.51 लाख के आसपास था। वहीं चांदी की कीमत में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जहां एक किलो चांदी करीब ₹15,176 सस्ती होकर ₹2.25 लाख तक आ गई है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पिछले करीब एक महीने में सोना करीब ₹13-16 हजार तक सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी में तो गिरावट और भी तेज रही है, जो ₹42 हजार तक नीचे आ चुकी है। यानी जो निवेशक हाल ही में ऊंचे दाम पर खरीदी कर चुके हैं, उन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण US-Iran conflict और मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में निवेशक सोने की ओर भागते हैं, लेकिन इस बार उल्टा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। निवेशक अनिश्चितता के दौर में कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे बाजार में सोने-चांदी की बिक्री बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना।
इसके अलावा जनवरी में जब सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹1.76 लाख तक पहुंच गया था, तब बड़े निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। उसी का असर अब बाजार में दिख रहा है, जहां सप्लाई बढ़ने से दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। चांदी में तो गिरावट और भी ज्यादा तेज रही है, जो अपने रिकॉर्ड स्तर ₹3.86 लाख से फिसलकर ₹2.25 लाख तक पहुंच गई है।
अमेरिका के Federal Reserve की सख्त ब्याज दर नीति भी इस गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है। ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक अब सुरक्षित धातुओं के बजाय दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित गोल्ड ही लें और कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें। वहीं चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी तरह की ठगी से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, यह गिरावट जहां एक तरफ निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, वहीं दूसरी तरफ उन लोगों के लिए मौका भी बन सकती है जो सही समय पर एंट्री की तलाश में हैं।