रायपुर – रायपुर जिले के मंदिर हसौद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धनसुली में बड़े पैमाने पर चूना पत्थरों का कारोबार अवैध रूप से हो रहा है। इसका खुलासा खनिज विभाग द्वारा चार दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से हुआ है। विभागीय टीम ने शनिवार को ग्राम धनसुली में संचालित 5 खदानों में छापा मारकर जांच पड़ताल की। इस दौरान खदानों को संचालित करने वाले पट्टेदार से लेकर कर्मचारी सभी भाग खड़े हुए, क्योंकि इन खदानों में कुछ में तो अवैध रूप से खनन और क्रेशर का काम चल रहा था, वहीं जिन खदानों के लिए अनुबंध हुआ है, वहां भी भारी मात्रा में स्वीकृत क्षमता से अधिक भंडारण तथा अवैध भंडारण मिला है। इन सभी खदानों का संचालन करने वाले लोगों को नोटिस जारी किया है, साथ ही 4 क्रेशर को सील किया है।
खनिज विभाग के जिला अधिकारी राजेश मालवे ने बताया कि कलेक्टर के सख्त निर्देश हैं कि प्रत्येक खदान की जांच की जाए और जहां भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, या अवैध रूप से संचालन, खनन, भंडारण एवं परिवहन किया जा रहा है, उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें। कलेक्टर के इस निर्देश के तहत शनिवार को सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के नेतृत्व में खनिज विभाग के टीम को तहसील खरोरा अंतर्गत ग्राम धनसुली एवं मुरा में चूना पत्थर की खदानों की जांच के लिए भेजा गया था। इस जांच में क्षेत्र के तहसीलदार भी थे। जांच के दौरान ग्राम धनसुली में बारी-बारी से श्रीमहालक्ष्मी लाइम स्टोन जितेंद्र अग्रवाल, आशापुरा स्टोन क्वारी बाड़ीलाल पटेल, राजेश भवनानी एवं आशीष अग्रवाल खदान के अलावा ग्राम मुरा स्थित श्रीराम इंटरप्राइजेज प्रकाश आडवाणी के यहां जांच की गई। इस जांच में कहीं अवैध रूप से खनन, क्रेशर का भंडारण मिला, तो कहीं नियमों के विरुद्ध भंडारण के साथ भारी मात्रा में अवैध भंडारण पाया गया। इसके तहत खदान और क्रेशर का संचालन कराने वाले सभी को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही 4 क्रेशर मशीन को सील भी किया है।
3 दिन पूर्व 6 खदानों पर हुई कार्रवाई
खनिज विभाग ने इस कार्रवाई से 3 दिन पूर्व धनसुली, नरदहा एवं खपरी में भी आधा दर्जन चूना पत्थर खदानों की जांच की थी। सभी खदानों मैं नियमों के विरुद्ध खनन, क्रेशर का भंडारण होना पाया। इसके तहत इनमें से 4 खदानों में लगी क्रेशर मशीनों को सील करने की कार्रवाई भी की गई, वहीं अन्य 2 खदानों के पट्टेदारों को नोटिस जारी किया। इन खदानों में अनुबंध से अधिक रकबा में खनन, सूचक बोर्ड नहीं लगाना, रायल्टी सहित अन्य कई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
करोड़ों रुपए की रायल्टी चोरी
विभाग ने चार दिन में की गई इस कार्रवाई से करोड़ों रुपए की रायल्टी चोरी का खुलासा हुआ है। इन सभी खदानों-क्रेशर में अवैध भंडारण से स्पष्ट हो गया कि इनका संचालन करने वाले लोग रायल्टी बचाने के लिए अवैध रूप से तथा अतिरिक्त रकबा में चूना पत्थर का खनन एवं भंडारण कराकर करोड़ों रुपए की रायल्टी बचाकर शासन को चूना लगा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन सभी खदानों एवं क्रेशर संचालकों के विरुद्ध प्रकरण बनाकर रायल्टी वसूली की जाएगी। अवैध रूप से खदान-क्रेशर चलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।