53 वर्षीय सुरेश चौहान, जो “शिरोमणि डेकोरेट टेंट” के संचालक थे, 11 अप्रैल से लापता थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद जांच को एक अहम दिशा मिली।
जांच के दौरान विकास नगर ग्राउंड के पास खून से सनी एक बाइक बरामद हुई, जिसने पुलिस के शक को और गहरा कर दिया। इसी कड़ी में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया और सख्ती से पूछताछ के बाद पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पीछे स्थित खेत तक पहुंची। वहां जमीन खोदने पर जो सामने आया, उसने सभी को झकझोर दिया — मिट्टी में दबा सुरेश चौहान का शव।
पुलिस के मुताबिक, शव को लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में दफनाया गया था और ऊपर से मिट्टी डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम भी जांच में जुटी हुई है।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या के पीछे लूटपाट का मकसद हो सकता है। बताया जा रहा है कि सुरेश चौहान के पास सोने की चेन, अंगूठी और नकदी थी, जो घटना के बाद गायब पाई गई। हालांकि पुलिस सिर्फ लूट के एंगल तक सीमित नहीं है, बल्कि अफेयर और जुआ-सट्टा से जुड़े पहलुओं को भी गहराई से खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार, सुरेश चौहान को हाल ही में दंतेवाड़ा में टेंट का बड़ा ऑर्डर मिला था और वह वहां जाने की तैयारी में थे। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि क्या इस डील या किसी निजी रंजिश का इस हत्या से कोई संबंध है।
फिलहाल पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराधी कितनी सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस निर्मम हत्या के पीछे असली वजह क्या है और कितने लोग इसमें शामिल हैं।