Meta Pixel

सिल्वर से बढ़ा आत्मविश्वास—आयुष शेट्टी बोले, “दुनिया का नंबर-1 बनना अब दूर नहीं”

Spread the love

भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे Ayush Shetty ने एशियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने साफ कहा है कि वह आने वाले समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की क्षमता रखते हैं।

टूर्नामेंट के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए आयुष ने इसे अपने करियर का एक शानदार पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने जिस तरह कठिन मुकाबलों में जीत हासिल की, उससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। हालांकि फाइनल मुकाबले में हार का थोड़ा अफसोस जरूर रहा, लेकिन उन्होंने खुलकर माना कि उस दिन Shi Yu Qi बेहतर खिलाड़ी थे और जीत के हकदार भी।

20 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए फाइनल में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल शी यू क्यूई का सामना किया, जहां उन्हें सीधे गेम्स में हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। वे 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में पोडियम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले सेमीफाइनल में आयुष ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कुनलावुत वितिदसरन को हराकर सभी को चौंका दिया था। इस जीत ने उन्हें फाइनल तक पहुंचाया और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर बड़े खिलाड़ियों को हराने का दम रखते हैं।

आयुष का मानना है कि यह टूर्नामेंट उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि शीर्ष खिलाड़ियों को हराने से आत्मविश्वास तो बढ़ता है, लेकिन असली चुनौती उन्हें लगातार हराते रहने की है। उनका अगला लक्ष्य अब थॉमस कप में शानदार प्रदर्शन करना है, जहां वह टीम के साथ मिलकर भारत के लिए खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।

उनके इस आत्मविश्वास और प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय बैडमिंटन को एक नया सितारा मिल चुका है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *