रायपुर में आबकारी विभाग के नए नियम के तहत शराब बिक्री के तरीके में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। अब देशी और सस्ती श्रेणी की शराब कांच की बोतलों की बजाय प्लास्टिक बोतलों में बेची जा रही है। यह नियम 1 अप्रैल से लागू हो चुका है, और अब धीरे-धीरे पूरे जिले में इसका असर दिखने लगा है।
हालांकि शुरुआत में सप्लाई को लेकर कुछ दिक्कतें सामने आई हैं। फिलहाल अनुबंधित कंपनियों में से सिर्फ दो कंपनियां ही प्लास्टिक बोतलों में शराब की आपूर्ति शुरू कर पाई हैं। सोमवार को रायपुर जिले में शोले और शेरा ब्रांड की देशी शराब की पहली खेप पहुंच चुकी है, जिसके बाद जिन दुकानों में पुराना स्टॉक खत्म हो रहा है, वहां नई प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री शुरू कर दी गई है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पुराने स्टॉक का भंडार अब लगभग खत्म होने की कगार पर है और अगले एक-दो दिनों में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके बाद जिले की सभी शराब दुकानों में केवल प्लास्टिक बोतल में ही देशी और चीप रेंज की शराब उपलब्ध होगी।
जिला आबकारी अधिकारी ने जानकारी दी है कि जैसे-जैसे कंपनियों से नई सप्लाई आएगी, वैसे-वैसे दुकानों में स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल पहली खेप में करीब 2400 पेटियां जिले में पहुंचाई गई हैं, जिनमें ‘शेरा देशी मसाला’ और ‘शोले प्लेन’ ब्रांड शामिल हैं।
रायपुर में हर दिन हजारों पेटियों की खपत होती है, ऐसे में अगर सप्लाई समय पर नहीं बढ़ाई गई, तो दुकानों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बन सकती है। इस बदलाव के चलते उपभोक्ताओं को भी अब नए पैकेजिंग फॉर्मेट के साथ तालमेल बैठाना होगा।
यह फैसला जहां एक ओर लॉजिस्टिक्स और लागत के लिहाज से अहम माना जा रहा है, वहीं इसके असर को लेकर बाजार और ग्राहकों दोनों की नजर बनी हुई है।