सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस 2026 को श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अग्निशमन कर्मियों द्वारा आकर्षक परेड, उत्कृष्ट अग्निशमन कर्मियों का सम्मान तथा अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों, उपकरणों एवं सुरक्षा संसाधनों व अग्नि-दुर्घटनाओं से निपटान का सजीव प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने अग्निशमन सेवा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परेड की सलामी ली, एवं गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उपस्थित अग्निशमन कर्मियों को राष्ट्र एवं संयंत्र के प्रति सुरक्षा व समर्पण और निष्ठा की शपथ दिलाई गयी।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने हेतु जागरूकता-वर्धन और प्रदर्शन भी किए गए। इनमें गोदाम एवं वेयरहाउस अग्निकांड, पटाखा दुर्घटनाएं, प्राथमिक अग्निशमन, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का उपयोग, विभिन्न प्रकार के अग्निशामकों का संचालन, रसोई एवं एलपीजी सिलेंडर अग्निकांड, पेट्रोकेमिकल आग की रोकथाम तथा हाई-एक्सपेंशन फोम के उपयोग जैसे तकनीकी अभ्यास शामिल थे।
इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवा देने वाले अग्निशमन कर्मियों एवं अग्नि सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अग्निशमन कर्मी श्री भीमेश कुमार पांडेय एवं लीडिंग फायरमैन श्री गुलशन कोठारी को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ फायरमैन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस 2026 कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री प्रबीर कुमार सरकार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य महाप्रबंधकगण सहित वरिष्ठ अधिकारीगण, मीडिया प्रतिनिधि, संयंत्र कर्मी, उनके परिजन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को मनाया जाता है, जो 1944 के बॉम्बे डॉकयार्ड अग्निकांड में वीरगति को प्राप्त हुए 66 अग्निशमन कर्मियों के बलिदान की स्मृति में समर्पित है। वर्ष 2026 के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित थीम है— “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज – अग्नि रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास”।
अपने संबोधन में निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने बॉम्बे डॉकयार्ड के 66 वीर शहीदों एवं देशभर के उन सभी अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने कर्तव्य निर्वहन में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि इन वीरों के बलिदान के कारण ही समाज सुरक्षित जीवन जी पा रहा है। उन्होंने अग्नि सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए संयंत्र के भीतर एवं बाहर स्थित सभी इकाइयों—कार्यालयों, विद्यालयों एवं अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों के समयबद्ध रखरखाव, फॉलोअप और उन्नयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “औद्योगिक परिवेश में अग्नि सुरक्षा उत्पादन जितनी ही महत्वपूर्ण है। इसके अभाव में सुरक्षित संचालन संभव नहीं है।” उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से एसओपी, एसएमपी, जोखिम पहचान प्रणाली तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई एवं तत्परता से पालन करते हुए ‘शून्य अग्नि दुर्घटना’ के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, राष्ट्रीय संपत्ति एवं जन-धन की सुरक्षा में अग्निशमन विभाग के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार ने भी अपने संबोधन में बॉम्बे डॉकयार्ड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अग्निशमन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के उपयोग एवं संचालन की जानकारी आवश्यक बताते हुए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) श्री देबदत्त सतपथी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला, वहीं मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री बी.के. महापात्र ने विभाग की वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत की, जिसमें बीते वर्ष संयंत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में संभाली गई विभिन्न अग्नि आपात स्थितियों का विवरण दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन फायर स्टेशन अधिकारी सुश्री सारिका गहाने एवं लीडिंग फायरमैन श्री प्रमोद राठौर ने किया, जबकि अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री एस.बी. धावस ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।