छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण की लाश उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। उधार की रकम हत्या का कारण बनी। मामला कापू थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल को ग्राम कुम्हिचुआ निवासी देवव्रत तुरी (30) का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध हालत में मिला। घटना की सूचना पिता चमराराम तुरी (60 ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
प्रारंभिक जांच में देवव्रतके शरीर पर गले, कलाई, पीठ पर दबाव और संघर्ष के निशान पाए गए। इसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत को हत्या (होमीसाइडल) बताया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की।
तीन दिनों तक देवव्रत के परिजनों, ग्रामीणों और संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गांव के करमसाय नगेसिया (42) और देवव्रत तुरी के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि मार्च महीने में करमसाय नगेसिया अपने परिवार के साथ देवव्रत के घर पहुंचा था और मारपीट करते हुए विवाद किया था।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया
संदेह के आधार पर पुलिस करमसाय नगेसिया को थाने लाकर पूछताछ की। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ होने पर उसने हत्या करना कबूल कर लिया। करमसाय ने बताया कि करीब छह साल पहले मृतक देवव्रत तुरी ने उससे 5,000 रुपए उधार लिए थे। वह लगातार रकम लौटाने में टालमटोल करता रहा।
ब्याज जुड़ने से रकम बढ़ गई। कई बार मांगने के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले, जिससे करमसाय के मन में रंजिश पैदा हो गई।
पैसे वापस नहीं किए
11 मार्च को पैसे मांगने पर करमसाय ने देवव्रत के माता-पिता और बहन से गाली-गलौज की थी। इस विवाद को लेकर गांव में बैठक भी हुई, फिर भी देवव्रत ने पैसे वापस नहीं किए। 26 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शादी समारोह से लौटते समय करमसाय ने देवव्रत को उसके घर के पास देखा। पुराने विवाद के चलते उसने गुस्से में उसका पीछा किया और घर के दरवाजे के पास पकड़ लिया।
मुंह और गला दबाकर जमीन पर पटक दिया
करमसाय ने देवव्रत का मुंह और गला दोनों हाथों से दबाया और जमीन पर पटक दिया। उसने तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को उठाकर घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया, ताकि घटना छुपाई जा सके।
मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कानून हाथ में लेने वालों पर सख्ती
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों पर रायगढ़ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून और बातचीत से करें। उधार के पैसे के विवाद में ग्रामीण ने हत्या की। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।