Apple को अपने चर्चित AI फीचर ‘Apple Intelligence’ को लेकर किए गए दावों की वजह से बड़ा कानूनी झटका लगा है। कंपनी ने एक क्लास-एक्शन मुकदमे को खत्म करने के लिए 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,085 करोड़ रुपए के समझौते पर सहमति जताई है। इस फैसले के बाद कुछ खास iPhone मॉडल खरीदने वाले ग्राहकों को मुआवजा दिया जाएगा।
पूरा विवाद 2024 में शुरू हुआ था, जब पीटर लैंडशेफ्ट नामक व्यक्ति ने कैलिफोर्निया की अदालत में Apple के खिलाफ मुकदमा दायर किया। आरोप लगाया गया कि कंपनी ने WWDC 2024 इवेंट के दौरान Apple Intelligence और नई पर्सनलाइज्ड Siri को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन लॉन्च के समय वे फीचर्स या तो अधूरे थे या उपलब्ध ही नहीं थे।
दरअसल Apple ने iPhone 16 सीरीज की लॉन्चिंग के दौरान दावा किया था कि यूजर्स को पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और एडवांस AI अनुभव मिलेगा। कंपनी के विज्ञापनों में नए Siri फीचर्स और कई AI टूल्स को हाईलाइट किया गया था। लेकिन जब 2024 के आखिर में iPhone 16 बाजार में आया, तो कई यूजर्स ने शिकायत की कि प्रचारित फीचर्स अपेक्षा के मुताबिक मौजूद नहीं थे।
मुकदमे में कहा गया कि कंपनी ने अपने AI फीचर्स की वास्तविक क्षमता और उपलब्धता को लेकर ग्राहकों को गुमराह किया। हालांकि Apple ने आधिकारिक तौर पर किसी गलती को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि उसने कानूनी प्रक्रिया को समाप्त करने और भविष्य के प्रोडक्ट्स पर फोकस बनाए रखने के लिए समझौता किया है।
Apple ने अपनी सफाई में कहा कि उसने कई एडवांस AI फीचर्स पहले ही जारी कर दिए हैं। इनमें Visual Intelligence, Live Translation, Writing Tools, Genmoji और Clean Up जैसे टूल्स शामिल हैं। कंपनी का यह भी कहना है कि नई और ज्यादा पावरफुल Siri से जुड़े फीचर्स इस साल के अंत तक रोलआउट किए जा सकते हैं।
इस समझौते का फायदा केवल उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने अमेरिका में Apple Intelligence सपोर्ट करने वाले iPhone खरीदे हैं। पात्र यूजर्स में iPhone 15 Pro, iPhone 15 Pro Max और iPhone 16 सीरीज खरीदने वाले ग्राहक शामिल हैं। शर्त यह है कि डिवाइस 10 जून 2024 से 29 मार्च 2025 के बीच अमेरिका में खरीदा गया होना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक योग्य यूजर्स को प्रति डिवाइस लगभग 25 डॉलर यानी करीब 2,380 रुपए मिल सकते हैं। हालांकि अगर दावे कम संख्या में आते हैं, तो यह राशि बढ़कर 95 डॉलर यानी लगभग 9 हजार रुपए तक भी पहुंच सकती है।
इस समझौते को फिलहाल प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। पात्र ग्राहकों को अगले 45 दिनों के भीतर ईमेल के जरिए क्लेम प्रक्रिया की जानकारी भेजी जाएगी। हालांकि अंतिम मंजूरी अभी बाकी है और इस मामले की अंतिम सुनवाई 17 जून 2026 को उत्तरी कैलिफोर्निया की फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में होनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला टेक कंपनियों के लिए बड़ा संदेश है कि AI फीचर्स और नई तकनीकों को लेकर किए गए दावे पूरी तरह स्पष्ट और वास्तविक होने चाहिए, क्योंकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहक अब सिर्फ मार्केटिंग नहीं बल्कि असली अनुभव चाहते हैं।