बलौदा बाजार। बलौदा बाजार के निजी दौरे पर पंहुचे पूर्व आईएएस अधिकारी और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहे कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी पद पर बने रहना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरुप नहीं माना जा सकता।
जनादेश का सम्मान जरूरी
गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और हर राजनीतिक दल को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार भाजपा के पक्ष में स्पष्ट समर्थन दिया है। उनके अनुसार, भाजपा के निर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी गई है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
9 तारीख को कोलकाता दौरे का किया जिक्र
पूर्व नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि 9 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक तस्वीर साफ हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया संविधान के दायरे में आगे बढ़ेगी और इसमें किसी प्रकार के संवैधानिक संकट की स्थिति नहीं है।
ममता बनर्जी के बयान पर साधा निशाना
मिश्रा ने कहा कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभाल चुकी ममता बनर्जी जैसी वरिष्ठ नेता से अधिक परिपक्व राजनीतिक व्यवहार की उम्मीद की जाती है। उन्होंने उनके हालिया बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जनता के फैसले को स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है।