दुर्ग, 7 मई 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 09 मई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों के साथ-साथ विभिन्न प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत आम नागरिकों को सरल, सुलभ, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिसमें पक्षकार आपसी संवाद एवं सहमति के आधार पर अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं। लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों में न्यायालय शुल्क की वापसी, समय एवं धन की बचत तथा पारस्परिक संबंधों की पुनर्स्थापना जैसे अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। उक्त अवसर पर मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग में भी विशेष रूप से मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रयास किए जाएंगे। मध्यस्थता की प्रक्रिया में पक्षकार स्वयं समाधान का मार्ग निर्धारित करते हैं, जिससे विवादों का शांतिपूर्ण एवं स्थायी निराकरण संभव हो पाता है। न्यायालय से संबंधित सिविल, आपराधिक, वैवाहिक, पारिवारिक, बैंकिंग, चेक अनादरण, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम, विद्युत एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से निराकृत किए जाने हेतु पक्षकारों को प्रेरित किया जा रहा है।
इसके साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के संबंध में जिला दुर्ग से संबंधित चिन्हांकित प्रकरणों में भी पक्षकारों को नोटिस जारी कर आहूत किया गया है। इन प्रकरणों में भी आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से विवादों के निराकरण की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे पक्षकारों को दीर्घकालिक न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्राप्त हो सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा समस्त पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नेशनल लोक अदालत एवं मध्यस्थता की प्रक्रिया का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें तथा न्याय को सरल एवं मानवीय बनाने के इस अभियान में सहभागी बनें।