आज के समय में लोग बाजार की केमिकल वाली सब्जियों से दूरी बनाकर घर पर ही ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां उगाने की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर आप भी अपने होम गार्डन को खूबसूरत और उपयोगी बनाना चाहते हैं, तो चेरी टमाटर आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है। छोटे आकार के ये लाल-लाल टमाटर देखने में जितने आकर्षक लगते हैं, खाने में उतने ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी होते हैं। सलाद, सैंडविच, पास्ता या स्नैक्स में इनका स्वाद अलग ही मजा देता है।
सबसे अच्छी बात यह है कि चेरी टमाटर उगाने के लिए आपको बड़े खेत या ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। थोड़ी सी देखभाल और सही तरीके अपनाकर आप इन्हें आसानी से अपने घर की बालकनी, छत या छोटे से गार्डन में भी उगा सकते हैं। सही गमला, अच्छी मिट्टी और पर्याप्त धूप मिलने पर कुछ ही हफ्तों में पौधों पर छोटे-छोटे लाल टमाटर दिखाई देने लगते हैं।
चेरी टमाटर लगाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चुनाव बेहद जरूरी होता है। लगभग 10 से 12 इंच गहरा गमला सबसे बेहतर माना जाता है। ध्यान रखें कि गमले में पानी निकालने के लिए नीचे छेद जरूर हो, ताकि पानी जमा न हो सके। मिट्टी तैयार करते समय गार्डन सॉइल, कोकोपीट और वर्मीकम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाना चाहिए। यह मिश्रण पौधों की अच्छी ग्रोथ में मदद करता है और जड़ों को पर्याप्त पोषण देता है।
आप चाहें तो चेरी टमाटर के बीज सीधे गमले में लगा सकते हैं या फिर नर्सरी से छोटे पौधे खरीदकर भी लगा सकते हैं। बीज लगाते समय उन्हें बहुत गहराई में दबाने की जरूरत नहीं होती। लगभग 1 से 2 इंच की गहराई पर्याप्त रहती है। बीज लगाने के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी नम बनी रहे।
चेरी टमाटर के पौधों को अच्छी धूप बेहद पसंद होती है। अगर पौधों को रोजाना 5 से 6 घंटे तक धूप मिले, तो उनकी ग्रोथ तेजी से होती है और फल भी ज्यादा आते हैं। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां सूरज की रोशनी पर्याप्त मात्रा में पहुंचती हो। धूप की कमी होने पर पौधे कमजोर हो सकते हैं और फल कम लगते हैं।
पानी देते समय भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। पौधों को रोज थोड़ा-थोड़ा पानी देना बेहतर माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर गमले में पानी जमा होने लगे तो जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए मिट्टी को हल्का नम रखना सबसे सही तरीका माना जाता है।
जैसे-जैसे पौधा बड़ा होने लगता है, उसे सहारे की जरूरत पड़ती है। इसके लिए लकड़ी की स्टिक, रस्सी या नेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पौधा सीधा बढ़ता है और फल जमीन को छूकर खराब नहीं होते। समय-समय पर सूखी पत्तियां हटाते रहें और पौधों में जैविक खाद डालते रहें, ताकि पौधे स्वस्थ बने रहें।
अगर सही तरीके से देखभाल की जाए तो कुछ ही समय में आपका छोटा सा गार्डन लाल-लाल चेरी टमाटरों से भर सकता है। घर पर उगे ताजे टमाटरों का स्वाद अलग ही होता है और सबसे बड़ी बात यह कि इनमें किसी तरह के हानिकारक केमिकल का डर भी नहीं रहता।