भिलाई के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महिलाओं को संकट की स्थिति में तुरंत सहायता और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर का पहला ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ शुरू होने जा रहा है। यह सेंटर फरीद नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन 9 मई को सुबह 11:30 बजे वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन करेंगे।
यह केंद्र महिलाओं और बेटियों के लिए एक समर्पित सहायता मंच के रूप में काम करेगा, जहां उन्हें एक ही जगह पर कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी और अन्य महिला अपराधों से पीड़ित महिलाओं को यहां तत्काल सहायता दी जाएगी।
सखी वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं को कानूनी सलाह, पुलिस सहायता, मेडिकल सुविधा, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं भी मिलेंगी। अब महिलाओं को अलग-अलग दफ्तरों और संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि उन्हें एक ही स्थान पर हर जरूरी मदद उपलब्ध होगी।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान उनकी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक इस सेंटर के शुरू होने से संकट की घड़ी में महिलाओं और बेटियों को भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें तुरंत सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत करेगा और वैशाली नगर को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और संवेदनशील क्षेत्र बनाने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल केवल सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज में बेटियों और महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करेगी। केंद्र महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने का भी काम करेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आर. के. जामुलकर के अनुसार, सखी वन स्टॉप सेंटर को महिला हेल्पलाइन 181 से भी जोड़ा गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। यहां प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति की जा रही है और महिलाओं की गोपनीयता व सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहेंगे। भिलाई में शुरू हो रहा यह पहला सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के क्षेत्र में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।