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गर्मियों में बढ़ रहे आई एलर्जी और इन्फेक्शन के मामले, आंखों में दिखें ये संकेत तो तुरंत हो जाएं सतर्क

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गर्मियों का मौसम सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि आंखों पर भी गहरा असर डालता है। तेज धूप, गर्म हवा, धूल-मिट्टी और बढ़ता प्रदूषण आंखों को लगातार नुकसान पहुंचाते हैं। यही वजह है कि समर सीजन में आई एलर्जी, ड्राई आई और आंखों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। अक्सर लोग आंखों में जलन, रेडनेस या खुजली जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यही लक्षण किसी गंभीर परेशानी का संकेत भी हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में अल्ट्रावायलेट यानी UV किरणों का असर काफी बढ़ जाता है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से आंखों की बाहरी परत और लेंस प्रभावित हो सकते हैं। इससे भविष्य में मोतियाबिंद जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा लू और अत्यधिक गर्मी आंखों की नमी कम कर देती है, जिससे ड्राईनेस, जलन और आंखों में चुभन की समस्या बढ़ने लगती है।

गर्मियों में धूल और प्रदूषण भी बड़ी समस्या बन जाते हैं। ये आंखों की सतह को इरिटेट करते हैं और एलर्जी या संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कई लोगों को आंखों में खुजली, पानी आना, लालपन और सूजन जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आंखों में लगातार तेज जलन हो रही हो, आंखें लाल बनी रहें, बार-बार पानी आए, धुंधला दिखाई दे, आंखों में सूजन हो या रोशनी से परेशानी महसूस हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार आंखों में दर्द और अचानक नजर कमजोर होना भी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।

गर्मियों में कुछ लोगों को आई प्रॉब्लम्स का खतरा ज्यादा रहता है। जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, एयर-कंडीशन वातावरण में रहते हैं या कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करते हैं, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं क्योंकि उनकी आंखें जल्दी प्रभावित हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या ड्राई आई की समस्या है, उन्हें गर्मियों में अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए।

डिहाइड्रेशन भी आंखों की सेहत पर बुरा असर डालता है। शरीर में पानी की कमी होने पर आंखों की नमी कम हो जाती है, जिससे चुभन, किरकिरापन और फोकस करने में दिक्कत हो सकती है। लंबे समय तक पानी की कमी आंखों की सतह को नुकसान पहुंचा सकती है और विजन कम्फर्ट भी घट सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में आंखों की सुरक्षा के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनना बेहद जरूरी है। धूलभरे इलाकों में काम करने वालों को सेफ्टी गॉगल्स का इस्तेमाल करना चाहिए। आंखों को बार-बार हाथ लगाने या रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

अगर डॉक्टर ने कोई आई ड्रॉप या दवा दी है तो उसका नियमित इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा तौलिया, रूमाल या आई मेकअप जैसी चीजें शेयर करने से बचना चाहिए। स्विमिंग पूल के क्लोरीनयुक्त पानी से भी आंखों में जलन और एलर्जी हो सकती है, इसलिए स्विमिंग के दौरान आई प्रोटेक्शन का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है।

डाइट और हाइड्रेशन भी आंखों की हेल्थ में बड़ी भूमिका निभाते हैं। गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। रोजाना करीब 2.5 से 3 लीटर तक पानी या अन्य फ्लूइड लेने से शरीर और आंखें दोनों हाइड्रेट रहती हैं। खीरा, तरबूज, ककड़ी, संतरा जैसे हाई-वॉटर कंटेंट फूड्स आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

हरी सब्जियां, विटामिन-A और ल्यूटिन युक्त फूड्स आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड भी आंखों की नमी बनाए रखने और ड्राईनेस कम करने में उपयोगी माना जाता है। वहीं ज्यादा नमक और शुगर वाली चीजों से दूरी बनाना बेहतर होता है।

लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचना चाहिए और बीच-बीच में आंखों को आराम देना जरूरी है। पर्याप्त नींद लेना, आंखों की सफाई रखना और रोज कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में बिताना आंखों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

जो लोग बाहर काम करते हैं या लंबे समय तक धूप में रहते हैं, उन्हें समय-समय पर छांव में आराम करना चाहिए। कैप, स्कार्फ और सनग्लासेस का इस्तेमाल गर्मी से आंखों को बचाने में मदद करता है। दिनभर शरीर में पानी की कमी न होने देना और शाम को आंखों को साफ पानी से धोना भी बेहद जरूरी माना जाता है।

गर्मियों में आंखों से जुड़ी छोटी परेशानी को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि समय रहते सावधानी और सही देखभाल आंखों को गंभीर नुकसान से बचा सकती है।

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