उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और नई नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य सरकार की नई CM Fellow योजना के तहत चयनित युवाओं को न सिर्फ जिलों में अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी, बल्कि उन्हें सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट का भी लाभ मिलेगा। इस योजना को लेकर अब चयन प्रक्रिया और तैनाती व्यवस्था तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
हाल ही में यूपी कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को लेकर युवाओं के बीच उत्साह बढ़ गया है। सरकार का लक्ष्य ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ना है, जिनमें नेतृत्व क्षमता, नीति निर्माण की समझ और जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव हो।
योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में CM Fellow तैनात किए जाएंगे। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी और इसे यूपी स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के माध्यम से संचालित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 100 अंकों की विस्तृत चयन प्रणाली तैयार की है, ताकि योग्य और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सके।
इस चयन प्रक्रिया में सबसे ज्यादा 50 अंक लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 30 अंक अधिमानी अर्हता यानी अतिरिक्त योग्यता और अनुभव के लिए रखे गए हैं, जबकि 20 अंक इंटरव्यू के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे केवल डिग्री आधारित चयन नहीं होगा, बल्कि नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक समझ रखने वाले युवाओं को भी अवसर मिलेगा।
लिखित परीक्षा में नीति निर्माण, प्रशासनिक समझ, समसामयिक घटनाएं, डेटा विश्लेषण, डिजिटल गवर्नेंस और समस्या समाधान जैसे विषयों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। वहीं अधिमानी अर्हता के तहत सामाजिक क्षेत्र में कार्य अनुभव, नीति अनुसंधान, डेटा मैनेजमेंट, डिजिटल टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसी विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं को चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। इससे IIT, IIM, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य बड़े संस्थानों से पढ़ाई कर चुके युवाओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
चयनित CM Fellows को सीधे तैनाती नहीं दी जाएगी। उन्हें पहले दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, डेटा एनालिसिस और फील्ड मैनेजमेंट जैसी चीजों की ट्रेनिंग शामिल होगी। सरकार चाहती है कि चयनित युवा जिलों में जाकर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट का प्रावधान माना जा रहा है। इससे उन युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा जो प्रशासनिक क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के साथ भविष्य में सरकारी सेवाओं में भी करियर बनाना चाहते हैं।
फिलहाल शुरुआती चरण में सीमित संख्या में फेलो नियुक्त किए जाएंगे, लेकिन सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में CM Fellows की संख्या बढ़ाई जा सकती है। माना जा रहा है कि यह योजना उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधार और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
सरकार की इस नई पहल को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह योजना प्रशासनिक अनुभव और भविष्य की सरकारी नौकरियों दोनों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है।