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शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,200 के नीचे फिसला

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घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। शुरुआती सत्र में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख इंडेक्स नीचे फिसल गए।

कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 453 अंक से ज्यादा टूटकर 77,391.51 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी कमजोरी के साथ खुला और 132.75 अंक गिरकर 24,193.90 के स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में दबाव इतना ज्यादा था कि निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही 24,200 के अहम स्तर के नीचे पहुंच गया।

हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी पर टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इन शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिला।

दूसरी तरफ कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में कमजोरी बनी रही। कोल इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इटरनल जैसे शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में कमजोरी का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग स्थिर बना रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.3 फीसदी की हल्की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि चुनिंदा छोटे शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो बाजार में अधिकांश सेक्टर दबाव में दिखाई दिए। कैपिटल गुड्स, आईटी, मीडिया और फार्मा सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, तेल एवं गैस, ऑटो, ऊर्जा और धातु सेक्टर में करीब आधा फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक संकेत, विदेशी बाजारों की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल मार्केट ट्रेंड और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल बड़े निवेश फैसले लेने से बचते दिखाई दे रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

फिलहाल बाजार में कमजोरी जरूर दिख रही है, लेकिन चुनिंदा सेक्टर और शेयर अब भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर बाजार में नई दिशा देखने को मिल सकती है।

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