गर्मियों के मौसम में ठंडी और मलाईदार दही खाने का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। दही न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि पेट को ठंडक पहुंचाने और पाचन बेहतर रखने में भी मदद करती है। हालांकि कई लोगों की शिकायत रहती है कि घर पर दही ठीक से नहीं जमती या उसमें बाजार जैसी मोटी मलाई नहीं आती। कभी दही पतली रह जाती है तो कभी खट्टी हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप घर पर ही गाढ़ी, मलाईदार और स्वादिष्ट दही जमा सकते हैं।
परफेक्ट दही जमाने के लिए सबसे पहली और जरूरी चीज सही दूध का चुनाव है। अगर आप चाहते हैं कि दही पर मोटी मलाई जमे तो हमेशा फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें। टोंड या स्किम्ड दूध में फैट कम होता है, जिसकी वजह से दही उतनी गाढ़ी और क्रीमी नहीं बनती। जितना ज्यादा फैट वाला दूध होगा, दही उतनी ही बेहतर तैयार होगी।
दूध को सिर्फ उबालना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसे थोड़ा गाढ़ा करना भी जरूरी माना जाता है। इसके लिए दूध को उबालने के बाद 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। इससे दूध में मौजूद अतिरिक्त पानी कम हो जाता है और दही ज्यादा क्रीमी बनती है। यही ट्रिक बाजार जैसी मोटी दही तैयार करने में काफी मदद करती है।
दही जमाने में तापमान सबसे अहम भूमिका निभाता है। दूध को बहुत ज्यादा गर्म या पूरी तरह ठंडा करके जामन डालने से दही सही नहीं जमती। दूध इतना गुनगुना होना चाहिए कि उंगली डालने पर हल्की गर्माहट महसूस हो। यही सही तापमान माना जाता है।
अब इसमें एक चम्मच पहले से जमी हुई ताजी दही यानी जामन डालें। ध्यान रखें कि जामन अच्छी क्वालिटी की हो, क्योंकि उसी से नई दही का स्वाद और टेक्सचर तय होता है। जामन डालने के बाद दूध को बहुत ज्यादा फेंटने या हिलाने की जरूरत नहीं होती। हल्के हाथ से मिलाना ही काफी माना जाता है।
गर्मियों में दही जमाना आसान होता है क्योंकि मौसम का तापमान पहले से अनुकूल रहता है। दही वाले बर्तन को ढककर 6 से 8 घंटे के लिए किसी गर्म जगह पर रख दें। आमतौर पर किचन का सामान्य तापमान ही इसके लिए पर्याप्त होता है। ज्यादा बार बर्तन खोलकर देखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दही जमने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
अगर आप दही पर मोटी मलाई चाहते हैं तो दूध को जमाने से पहले ज्यादा हिलाएं नहीं। इससे ऊपर मलाई की परत अच्छी तरह सेट हो पाती है। दही जमने के बाद उसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दें। इससे मलाई और ज्यादा मोटी हो जाती है और दही का टेक्सचर भी बेहतर हो जाता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि घर की बनी ताजी दही बाजार की तुलना में ज्यादा हेल्दी और शुद्ध होती है। इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव नहीं होते और स्वाद भी ज्यादा प्राकृतिक होता है। सही तरीका अपनाकर आप आसानी से घर में होटल या बाजार जैसी मलाईदार दही तैयार कर सकते हैं।