गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार शुरू हो जाती है। हर किसी को मीठे और रसीले आम का इंतजार रहता है, लेकिन कई बार बाजार से लाए गए आम पूरी तरह कच्चे निकल जाते हैं। ऐसे में लोग उन्हें जल्दी पकाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। हालांकि आजकल बाजार में कई जगह आम पकाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए अब लोग फिर से पुराने देसी और प्राकृतिक तरीकों की ओर लौट रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आम को प्राकृतिक तरीके से पकाना न सिर्फ सुरक्षित होता है बल्कि इससे उसका असली स्वाद, खुशबू और मिठास भी बनी रहती है। वहीं केमिकल से पकाए गए आम बाहर से पीले जरूर दिखते हैं, लेकिन अंदर से स्वादहीन और कई बार नुकसानदायक भी हो सकते हैं।
सबसे आम और आसान तरीका है अखबार में आम लपेटकर रखना। कच्चे आमों को अखबार में अच्छे से लपेटकर किसी गर्म और सूखी जगह पर रख दें। करीब दो से तीन दिनों में आम प्राकृतिक तरीके से पकने लगेंगे। यह तरीका पुराने समय से घरों में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
एक और देसी तरीका है चावल में आम दबाकर रखना। किसी बड़े डिब्बे या कंटेनर में चावल भर लें और उसमें कच्चे आम रख दें। चावल के भीतर बनी हल्की गर्माहट आम को जल्दी और समान रूप से पकाने में मदद करती है। यही वजह है कि गांवों में आज भी यह तरीका काफी लोकप्रिय माना जाता है।
अगर घर में सूती कपड़ा हो तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। आमों को कपड़े में बांधकर किसी गर्म और सूखी जगह पर रखने से वे धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से पक जाते हैं। इससे आम की क्वालिटी भी बनी रहती है।
कई लोग केले की मदद से भी आम पकाते हैं। दरअसल, केले से प्राकृतिक एथिलीन गैस निकलती है, जो फलों को पकाने की प्रक्रिया को तेज करती है। अगर कच्चे आमों को केले के साथ किसी बंद डिब्बे या टोकरी में रखा जाए, तो वे जल्दी पकने लगते हैं।
हल्की धूप भी आम पकाने में मददगार साबित हो सकती है। हालांकि ध्यान रखना जरूरी है कि आमों को तेज धूप में ज्यादा देर तक न रखें, क्योंकि इससे वे खराब भी हो सकते हैं। हल्की धूप और गर्म वातावरण आम पकाने के लिए बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि आमों को रोज एक बार जरूर चेक करें और अगर कोई आम सड़ने लगे तो उसे तुरंत अलग कर दें, ताकि बाकी आम खराब न हों।
सेहत के लिहाज से भी प्राकृतिक तरीके से पके आम ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं। बाजार में इस्तेमाल होने वाले कैल्शियम कार्बाइड जैसे केमिकल पेट दर्द, एलर्जी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकते हैं। इसलिए इस गर्मी अगर घर कच्चे आम आएं, तो उन्हें देसी तरीके से पकाकर ही खाने की कोशिश करें।