Meta Pixel

छत्तीसगढ़ में कपड़े बेचने की आड़ में गांजा तस्करी, बाइक में बने सीक्रेट बॉक्स से 2 करोड़ का माल बरामद

Spread the love

छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करों ने अब पुलिस से बचने के लिए नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। Chhattisgarh के महासमुंद और धमतरी जिलों में पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय तस्करों का भंडाफोड़ किया है, जो फेरीवालों के रूप में गली-गली कपड़े बेचने का दिखावा कर रहे थे, लेकिन असल में कपड़ों के नीचे गांजा छिपाकर सप्लाई कर रहे थे।

पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में कुल 378 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में महासमुंद से 10 और धमतरी से एक नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक तस्करों ने अपनी बाइक में खास तरह के सीक्रेट लोहे के बॉक्स और चैंबर बनवाए थे। ऊपर कपड़ों के गट्ठर रखे जाते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने जब तलाशी ली तो कपड़ों के नीचे छिपा भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

Mahasamund जिले के बसना इलाके में पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से कुछ लोग गांजा लेकर छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। कुछ देर बाद पांच बाइक एक साथ आती दिखाई दीं। बाइक सवार खुद को कपड़े बेचने वाले फेरीवाले बता रहे थे और “कपड़े ले लो” की आवाज लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।

शुरुआती पूछताछ में उन्होंने कपड़ा बेचने की बात कही, लेकिन पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब बाइक की जांच की गई तो पिछली सीट के नीचे बने सीक्रेट चैंबर में बड़ी मात्रा में गांजा मिला। इस कार्रवाई में करीब 215 किलो गांजा बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा Odisha के बालिगुड़ा इलाके से लाया जा रहा था और इसे मध्यप्रदेश तक सप्लाई किया जाना था। इसके अलावा बसना थाना पुलिस ने एक अन्य मामले में 23 किलो गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं कोमाखान पुलिस ने भी चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो आरोपियों से करीब 9 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद किया।

महासमुंद पुलिस ने कुल मिलाकर 7 बाइक, 6 मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए 5 विशेष लोहे के जाल भी जब्त किए हैं।

वहीं Dhamtari जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई करते हुए 3 तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग शामिल है। इनके कब्जे से 131 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया गया। आरोपी तीन बाइक पर कपड़ों की फेरी लगाने का नाटक करते हुए ओडिशा से गांजा लेकर आ रहे थे।

इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि तस्कर केरेगांव पहुंचने से पहले बोराई, सिहावा, नगरी और दुगली जैसे चार थाना क्षेत्रों को पार कर चुके थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बिना पकड़े इतनी दूर तक कैसे पहुंच गया।

पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो नए-नए तरीके अपनाकर गांजा तस्करी कर रहा है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
पुलिस ने शक के आधार पर जांच की, तब गांजा मिला।
पुलिस ने शक के आधार पर जांच की, तब गांजा मिला।
ये लोग गली-गली कपड़े बेचने की आड़ में गांजा सप्लाई कर रहे थे।
ये लोग गली-गली कपड़े बेचने की आड़ में गांजा सप्लाई कर रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *