बलौदा बाजार – बलौदाबाजार जिले के ग्राम कुसमी में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा का बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग किसान हाथ में आवेदन पत्र लिए खड़े दिखाई दिए। जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा की नजर उन पर पड़ी तो वे तुरंत उनके पास पहुंचे और उनकी समस्याएं पूछीं।
आवेदन भरने में असमर्थ था बुजुर्ग
बुजुर्ग किसान ने बताया कि, वे आवेदन पत्र भरने में असमर्थ हैं और अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। यह सुनते ही कलेक्टर ने बिना देर किए स्वयं आवेदन पत्र अपने हाथों से भरना शुरू किया। उन्होंने किसान की पूरी बात गंभीरता से सुनी, आवश्यक जानकारी दर्ज की और तत्पश्चात संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए मामले का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर की संवेदनशीलता को लोगों ने सराहा
कलेक्टर के इस व्यवहार को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उनकी संवेदनशीलता और जनसरोकार की सराहना की। प्रशासनिक पद पर रहते हुए आमजन की समस्याओं को इतनी सहजता और आत्मीयता से सुनना तथा तत्काल समाधान की दिशा में पहल करना जिलेवासियों के लिए एक सकारात्मक संदेश रहा।
चर्चा में कलेक्टर की कार्यशैली
कलेक्टर कुलदीप शर्मा अपनी कार्यशैली को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। चाहे गांवों में जमीन पर बैठकर जनचौपाल लगाना हो, जनदर्शन में पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से आत्मीयता से संवाद करना हो या फिर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित निर्देश देना—वे हर बार एक जनहितैषी अधिकारी के रूप में नजर आते हैं।
लोकप्रिय प्रशासक की बन रही पहचान
यही वजह है कि, बहुत कम समय में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के लोगों के बीच एक संवेदनशील, सक्रिय और लोकप्रिय प्रशासक की पहचान बना ली है। ग्राम कुसमी में सुशासन तिहार के दौरान सामने आया यह दृश्य एक बार फिर साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच पहुंचता है, तो शासन पर लोगों का भरोसा और मजबूत होता है।