भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 29 मई को तेजी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 250 अंक उछलकर 76,100 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 50 अंकों की बढ़त के साथ 23,960 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा रौनक आईटी सेक्टर के शेयरों में रही, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
ग्लोबल मार्केट्स से मिले मजबूत संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। जापान का निक्केई करीब 1.86% उछला, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 2% तक चढ़ गया। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। विदेशी बाजारों में सकारात्मक माहौल ने घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार को सपोर्ट मिला।
अमेरिकी बाजारों ने भी बीते कारोबारी सत्र में मजबूती दिखाई थी। नैस्डैक में लगभग 1% की तेजी दर्ज हुई, जबकि S&P 500 और डाउ जोन्स भी हरे निशान में बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों में वैश्विक स्तर पर आई मजबूती का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को भी मिला और निवेशकों ने इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी की।
हालांकि विदेशी निवेशकों यानी FII/FPI का रुख अब भी सतर्क नजर आ रहा है। 27 मई को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 1043 करोड़ रुपये निकाले। दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार बाजार को सहारा देते दिखाई दे रहे हैं। बीते 30 दिनों में घरेलू निवेशकों ने करीब 69 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है, जिसने बाजार की गिरावट को काफी हद तक संभालकर रखा।
इससे पहले 27 मई को बाजार दबाव में बंद हुआ था। सेंसेक्स 142 अंक टूटकर 75,868 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ 23,907 पर आ गया था। उस दिन बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। लेकिन बकरी ईद की छुट्टी के बाद खुले बाजार में निवेशकों का मूड फिर से पॉजिटिव नजर आया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहे और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम हुई, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर आईटी, बैंकिंग और ग्लोबल संकेतों पर बनी हुई है।