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उपकप्तानी जाने के बाद पहली बार बोले गौतम गंभीर, कहा- ऋषभ पंत को बदलने की जरूरत नहीं, लेकिन हालात समझकर खेलना होगा

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भारतीय क्रिकेट टीम में हाल ही में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले को लेकर हुई, वह था स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज Rishabh Pant को टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाया जाना। अब इस मुद्दे पर पहली बार टीम इंडिया के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन पंत की आक्रामक बल्लेबाजी शैली को बदलना नहीं चाहता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए गंभीर ने कहा कि ऋषभ पंत भारतीय टीम के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी स्वाभाविक आक्रामकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर खिलाड़ी को मैच की स्थिति और टीम की जरूरतों को समझते हुए अपने खेल में संतुलन लाना चाहिए।

गंभीर ने कहा, “हम नहीं चाहते कि ऋषभ पंत अपनी शैली बदलें। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ही उन्हें खास बनाती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को यह भी समझना होता है कि किस परिस्थिति में कौन सा शॉट खेलना है और कब संयम दिखाना जरूरी है।”

दरअसल, हाल ही में घोषित भारतीय टेस्ट टीम में पंत की जगह KL Rahul को उपकप्तान बनाए जाने के बाद क्रिकेट जगत में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पंत लंबे समय से टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा रहे हैं और उन्हें भविष्य के संभावित कप्तानों में भी देखा जाता रहा है।

पिछली टेस्ट श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम को निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था। उस सीरीज के दौरान पंत की कुछ पारियों और शॉट चयन को लेकर आलोचना भी हुई थी। विशेष रूप से एक महत्वपूर्ण मुकाबले में आक्रामक बल्लेबाजी के दौरान उनका विकेट गंवाना चर्चा का विषय बना था। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने उन्हें मैच की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने की सलाह दी थी।

इस बीच भारतीय टीम के सहायक कोच Ryan ten Doeschate ने भी पंत के रवैये की सराहना की है। उन्होंने बताया कि उपकप्तानी हटाए जाने के बावजूद पंत ने किसी तरह की नाराजगी या असंतोष नहीं जताया। टीम प्रबंधन और पंत के बीच इस विषय पर खुली और सकारात्मक बातचीत हुई है।

रयान टेन डोशेट ने कहा कि नेतृत्व केवल किसी पद से नहीं आता, बल्कि व्यवहार और योगदान से भी दिखाई देता है। उनके अनुसार पंत अब भी ड्रेसिंग रूम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंत अपनी आक्रामक शैली को बरकरार रखते हुए मैच की परिस्थितियों के अनुसार थोड़ी और परिपक्वता दिखाते हैं, तो वे दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं। टीम प्रबंधन को उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा है और भविष्य में भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच में सभी की नजरें ऋषभ पंत पर रहेंगी। क्रिकेट प्रशंसक यह देखना चाहेंगे कि उपकप्तानी हटने के बाद पंत अपने प्रदर्शन से किस तरह जवाब देते हैं। यदि वह अपनी प्राकृतिक आक्रामकता और मैच की जरूरतों के बीच सही संतुलन बना पाते हैं, तो भारतीय टीम को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

उपकप्तानी का पद भले ही उनके पास न रहा हो, लेकिन टीम के भीतर उनकी अहमियत और भूमिका अभी भी बरकरार है। आने वाले मुकाबले पंत के लिए खुद को फिर से साबित करने का बड़ा अवसर साबित हो सकते हैं।

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