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बुझ गया घर का इकलौता चिराग : कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से आदिवासी युवक की मौत, क्षेत्र में भारी आक्रोश

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धमतरी – जिले के मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सांकरा में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 34 वर्षीय आदिवासी युवक की कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज और घोर लापरवाही के कारण मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम छा गया है, वहीं ग्रामीणों और सर्व आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सांकरा निवासी तीरथ राम कंवर को बीती 10 मई को तेज बुखार आया था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ही ग्राम भोथीडीह स्थित एक मेडिकल स्टोर में लेकर गए।

लापरवाही का आरोप: परिजनों का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक (कथित झोलाछाप डॉक्टर) ने बिना किसी पर्याप्त जांच या रिपोर्ट के युवक को वहीं भर्ती कर लिया।

स्थिति बिगड़ी: उसे वहीं सलाइन (बोतल), इंजेक्शन और भारी दवाइयां दे दी गईं, जिसके बाद तीरथ राम की तबीयत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ने लगी

बिना लाइफ सपोर्ट के रेफर: जब मरीज की हालत अत्यंत गंभीर हो गई, तो आरोपी संचालक ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उसे बिना किसी एम्बुलेंस या लाइफ सपोर्ट सिस्टम के, एक निजी चारपहिया वाहन से नवापारा (राजिम) रेफर कर दिया।

नवापारा पहुँचने पर वहां के डॉक्टरों ने तीरथ राम कंवर को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल लाने से पहले ही युवक दम तोड़ चुका था।

बुझ गया घर का इकलौता चिराग
मृतक तीरथ राम अपने वृद्ध माता-पिता का इकलौता बेटा था और पूरे परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और एक मासूम बेटे को छोड़ गया है, जिनके सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

फर्जी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में कई गरीब परिवार अपने अपनों को खो चुके हैं। समाज इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। हम पीड़ित परिवार के साथ मिलकर थाने में एफआईआर दर्ज कराएंगे और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर रहेंगे। – जीवराखन लाल मरई जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज

सर्व आदिवासी समाज और ग्रामीणों में उबाल, FIR की तैयारी
इस दर्दनाक घटना के बाद से ही क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों और बिना डिग्री के प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। सर्व आदिवासी समाज धमतरी ने इस मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन के पास जाएंगे और दोषी मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करवाएंगे।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
मगरलोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल अब लोगों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। इस घटना के बाद अब यह देखना लाजमी होगा कि स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ क्या ठोस और दंडात्मक कार्रवाई करता है।

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