सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार गिरावट के दौर में गुरुवार को भी सोने की कीमतों में बड़ी कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 1,562 रुपये टूटकर 1,45,584 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी में मामूली मजबूती देखने को मिली और इसका भाव 257 रुपये बढ़कर 2,33,540 रुपये प्रति किलो हो गया।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ 11 दिनों में सोना करीब 11 हजार रुपये सस्ता हो चुका है। 31 मई को 24 कैरेट सोना 1,56,463 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जो अब घटकर 1,45,584 रुपये पर आ गया है। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे थे।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के भाव में नरमी बनी हुई है। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोना करीब 1,45,790 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और रायपुर में इसका भाव लगभग 1,45,640 रुपये है। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में भी कीमतें इसी स्तर के आसपास बनी हुई हैं।
यदि विभिन्न कैरेट के हिसाब से कीमतों की बात करें तो 22 कैरेट सोना 1,33,355 रुपये प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट सोना 1,09,188 रुपये प्रति 10 ग्राम और 14 कैरेट सोना 85,167 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
इस वर्ष की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ था। 29 जनवरी 2026 को सोने का भाव 1,76,121 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, जो अब अपने उच्चतम स्तर से करीब 31 हजार रुपये नीचे आ चुका है। इसी तरह चांदी भी जनवरी में 3,85,933 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी, लेकिन अब यह करीब 1.52 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने कीमती धातुओं के बाजार का रुख बदल दिया है। सामान्य तौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव के समय निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे इनके दाम बढ़ते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार के बड़े खिलाड़ी और संस्थागत निवेशक अपनी गोल्ड और सिल्वर होल्डिंग बेचकर कैश रिजर्व बढ़ा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनके पास पर्याप्त तरलता बनी रहे।
इसके अलावा जनवरी में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। भारी बिकवाली के कारण बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में दोनों कीमती धातुओं में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता लंबे समय तक बनी रहती है तो आने वाले समय में सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत वापसी कर सकता है। फिलहाल कीमतों में आई गिरावट खरीदारी करने वालों के लिए एक अच्छा अवसर मानी जा रही है।