रायपुर – मानसून का आगाज होने से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइड लाइन के तहत छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में रेत खदानों में उत्खनन पर 10 जून से प्रतिबंध लग गया है, जो 10 अक्टूबर तक रहेगा। इधर खदानों पर प्रतिबंध लगते ही रेत की सप्लाई भी घट गई है।
रायपुर जिले में भी इसका खासा असर अभी से देखा जा रहा है। पिछले 4 दिनों में रेत की कीमत में 6 से 7 हजार रुपए की वृद्धि हुई है। प्रति हाईवा मीडियम रेत जो खदानें बंद होने से पहले 15 हजार रुपए में बिक रही थी, अब 21 से 22 हजार रुपए तक पहुंच गई है। इसी प्रकार बारीक रेत 20 से 21 हजार रुपए से बढ़कर 27 से 28 हजार रुपए हो गई है। रेत के दाम में आई इस वृद्धि के बाद भी इसकी डिमांड कम नहीं हुई है। चिल्हर कारोबारियों के यहां रेत के ऑर्डर थोक में हैं, लेकिन सप्लाई नहीं होने से वे पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
वैध 6 खदानें, सभी बंद
रायपुर जिले में वैध रूप से संचालित 6 खदाने हैं। एनजीटी की गाइड लाइन के तहत इन सभी खदानों को भी बंद करा दिया गया है। खदानों के बंद होने से अब रेत का उत्खनन भी नहीं हो रहा है।
कीमत बढ़ाने सप्लाई धीमी
रेत के कुछ चिल्हर कारोबारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां ऑर्डर बहुत हैं, लेकिन सप्लाई नहीं की जा रही है. जिसके कारण इसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि खदाने बंद हो चुकी हैं, ऐसे में भंडारण की गई रेत से सप्लाई होनी है। भंडारण करने वाले थोक कारोबारियों ने अभी सप्लाई रोक कर रखी है, ताकि अधिक कीमत पर इसे बेच सकें।
पर्याप्त मात्रा में है भंडारण
रायपुर खनिज विभाग के उप संचालक राजेश मालवे ने बताया कि, पर्याप्त मात्रा में रेत का भंडारण है। इस बार भंडारण लाइसेंस ज्यादा लोगों को दिए गए हैं, जिससे भंडारण का प्रतिशत भी पिछले वर्ष से ज्यादा है। इससे बारिशभर रेत की कमी नहीं होगी। अधिक कीमत पर रेत बेचने की शिकायत पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।