रायपुर – सहकारी समितियों में एक ओर जहां डीएपी, यूरिया आदि खाद की किल्लत देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कृषि सेवा केंद्रों के संचालक भी अब इस किल्लत को अपनी अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाने से चूक नहीं रहे हैं तथा किसानों को अधिक मूल्य पर बेचकर मोटी रकम कमा रहे हैं।
रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम समोदा में संचालित एक कृषि सेवा केंद्र में शनिवार को खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारकर 60.15 टन खाद जब्त किया है, जिसमें डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट सहित विभिन्न ब्रांड के एनपीके शामिल है।
अवैध भंडारण की सूचना पर छापा, दो गोदाम अवैध
कृषि विभाग के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि ग्राम समोदा में प्रोप्राइटर नेतराम वर्मा (राशि वर्मा) द्वारा संचालित कृषि सेवा केंद्र एवं गोदाम में अवैध रूप से खाद भंडारण किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर कृषि केंद्र एवं उसके 3 गोदाम में छापा मारकर जांच की गई। इस जांच के दौरान पता चला कि नेतराम ने विभाग से कृषि दुकान एवं 1 गोदाम का सिर्फ लाइसेंस ले रखा था, वहीं अन्य 2 गोदाम को वह अवैध रूप से किराए पर लेकर संचालित कर रहा था। इस तरह टीम ने एक-एक करके तीनों गोदाम से भारी मात्रा में खाद जब्त किया है।
जब्त खाद का विवरण टन में
| किसान सुपर (पावडर) | 16.4 |
| किसान सुपर (दानेदार) | 7.90 |
| एनपीके (5.15.0.10) | 1.10 |
| एनपीके (20.5.0.023) | 0.45 |
| एनपीके (5.15.0.10) | 10.0 |
| मल्टीपास | 0.60 |
| डीएपी (18.46.0) इंडियन पोटाश | 2.45 |
| डीएपी (18.45.0) इफको | 0.90 |
| एसएसपी पावडर | 0.45 |
| पावडर (16.30.10) | 20.0 |
महासमुंद में भी वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज में दबिश उड़ीसा प्रिंट वाली 11 उर्वरक बोरी जब्त
रायपुर के अलावा महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाली पीआर ओएम उर्वरक की 11 बोरियां (लगभग 550 किलोग्राम) जब्त किया है। कृषि विभाग की टीम ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज में जांच करते हुए यहां से सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (उड़ीसा) प्रिंट वाली उर्वरक की 11 बोरी मिली, जिसे जब्त किया है।