सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा विगत दिनों में ‘सेव अ लाइफ’ पहल के अंतर्गत मासिक ‘हैंड्स-ओनली सीपीसीआर (कार्डियो पल्मोनरी सेरेब्रल रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय में आपातकालीन हृदयाघात की स्थिति में त्वरित जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को सीपीसीआर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. तनुजा आनंद, डॉ. अमित अग्रवाल एवं डॉ. प्रिया पंकज ने एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के डीएनबी रेजिडेंट चिकित्सकों के सहयोग से किया।
कार्यशाला में एक प्रतिभागी ने अपने वास्तविक जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार कार्यस्थल पर एक सहकर्मी को अचानक हृदयाघात आने पर उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त सीपीसीआर तकनीक का समय पर प्रयोग कर उसका जीवन बचाने में सफलता प्राप्त की। इस प्रेरक अनुभव ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को भावुक एवं प्रेरित किया तथा यह संदेश दिया कि सीपीसीआर केवल एक चिकित्सकीय तकनीक नहीं, बल्कि किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन बचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रशिक्षण मैनिकिन पर सीपीसीआर का अभ्यास किया। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं डीएनबी रेजिडेंट्स ने प्रत्येक प्रतिभागी को सही तकनीक, शरीर की उचित स्थिति तथा प्रभावी चेस्ट कंप्रेशन की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही आयोजित संवाद सत्र में आपातकालीन हृदय देखभाल एवं सीपीसीआर से संबंधित प्रतिभागियों के सभी प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।