आखिरकार आषाढ़ की दस्तक के साथ ही बस्तर में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। 1 जुलाई से लगातार हो रही रुक-रुककर बारिश ने जहां लोगों को उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं खेती और पर्यटन के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं।
महज चार दिनों की इस मानसूनी फुहार से बस्तर का अधिकतम तापमान करीब 6 डिग्री सेल्सियस गिरकर 25 डिग्री पर आ गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया।
इसका एक सुखद असर यह है कि चित्रकोट वाटरफॉल शबाब पर आने लगा है। वहीं असर ऐसा भी है कि जगदलपुर शहर को इस बारिश ने पानी-पानी कर दिया है।