छत्तीसगढ़ सरकार ने चार नए लेबर कोड के तहत तैयार ‘मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम-2026’ का अंतिम ड्राफ्ट शासन को भेज दिया है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के अनुसार, इसके लागू होने से नियमित और अनियमित दोनों तरह के श्रमिकों को बड़ा लाभ मिलेगा। आम जनता और कर्मचारी संगठनों के करीब 70 सुझावों के परीक्षण के बाद यह प्रारूप तैयार किया गया है।
ये प्रावधान संभव:
- न्यूनतम फ्लोर वेज: केंद्र एक न्यूनतम आधार वेतन तय करेगी, जिससे कम मजदूरी कोई राज्य निर्धारित नहीं कर सकेगा।
- सवैतनिक अवकाश: पात्रता के लिए कार्य दिवस 240 से घटाकर 180 दिन होंगे। इसके बाद हर 20 दिन के काम पर 1 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा।
- गिग व फिक्स्ड टर्म वर्कर्स: ओला, उबर, जोमैटो और स्वीगी के गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को नियमितों के समान लाभ और 1 वर्ष की सेवा पर ही ग्रेच्युटी मिलेगी।
- महिला श्रमिक: सहमति होने पर सभी उद्योगों में नाइट शिफ्ट करने की अनुमति होगी।
- स्वास्थ्य व सुरक्षा: नियोक्ताओं के लिए नियुक्ति पत्र देना और साल में एक बार कर्मचारियों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।