शहर में शनिवार शाम 30 से 45 मिनट की बारिश ने शहर की व्यवस्था अस्त-व्यस्त कर दी। पहली ही बारिश में नगर निगम के जलभराव रोकने के दावे फेल हो गए। नालियां ओवरफ्लो हो गईं, नाले चोक हो गए और पानी सड़कों पर आ गया। एक दर्जन से ज्यादा निचली बस्तियों के घरों में पानी भर गया। जलभराव के कारण शंकरनगर, जीई रोड, कोटा रोड, गुढ़ियारी, कचना, मोवा और सड्डू समेत कई इलाकों में घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा।
हर साल की तरह इस बार भी बोरियाखुर्द, प्रोफेसर कॉलोनी, मोवा और शैलेंद्र नगर सहित कई इलाकों में पानी भर गया। महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त लगातार दावा करते रहे थे कि इस साल शहर में कहीं जलभराव नहीं होगा। पिछले दो महीने से नालों-नालियों की सफाई और अन्य इंतजाम किए गए थे, लेकिन पहली बारिश में कोई भी व्यवस्था कारगर नहीं दिखी।
गुढ़ियारी अंडरब्रिज का वही हाल… गुढ़ियारी अंडरब्रिज में एक बार फिर पानी भर गया, जिससे यातायात ठप हो गया। ट्रैफिक जाम इतना हुआ कि पुलिसवालों को बैरिकेड लगाकर लोगों को रोकना पड़ा। उन्हें दूसरे रास्तों का उपयोग करना पड़ा।
इन इलाकों में भरा पानी...भनपुरी, लोधीपारा चौक से पंडरी पुराना बस स्टैंड, सुयश अस्पताल के सामने, रामनगर पीएचसी के सामने, तेलघानी चौक से स्टेशन रोड, एकात्म परिसर, प्रोफेसर कालोनी, भाठागांव, बोरियाखुर्द, नलघर चौक, मोतीबाग, कटोरा तालाब, बूढ़ातालाब गार्डन रोड, डंगनिया रोड, बीएसएनएल कार्यालय के सामने, मोवा, जयस्तंभ चौक, राजातालाब बस्ती व केनाल रोड समेत कई इलाकों में पानी भर गया।
महापौर ने निरीक्षण किया, फटकार लगाई पर सब बेकार
शहर के नालों की सफाई के लिए महापौर मीनल चौबे वार्डों में भ्रमण के दौरान अफसरों को फटकार तक लगाई। लेकिन निगम के अफसरों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। नालों और नालियों की सफाई के लिए तीन चरण तय किए गए। तीसरे चरण की सफाई शुरू ही नहीं हो पाई और बारिश आ गई।
तैयारियों की पोल खुली: आकाश रायपुर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पहली ही बारिश में निगम की तैयारियों की पोल खुल गई। महापौर ने शांति नगर नाले का निरीक्षण कर जलभराव नहीं होने का भरोसा दिया था, लेकिन बस्तियों और घरों तक पानी पहुंच गया।
तिवारी ने कहा कि निगम की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है और महापौर जलनिकासी व्यवस्था संभालने में विफल रही हैं।