राजधानी की एमआर-15ए (कचना-तेलीबांधा) सड़क पिछले 16 वर्षों से केवल मास्टर प्लान और सरकारी फाइलों में दर्ज है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) ने चिल्फी हाइट आवासीय परियोजना को इसी शर्त पर मंजूरी दी थी कि छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड सेंट जेवियर्स स्कूल से अवंती बाई चौक तक प्रस्तावित सड़क का निर्माण करेगा। परियोजना वर्ष 2017-18 में पूरी हो गई, लेकिन सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा आज भी अधूरा है।
अब हाउसिंग बोर्ड ने टीएंडसीपी को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों ओर मकान बनने से सड़क का निर्माण व्यावहारिक नहीं है, इसलिए इसे मास्टर प्लान से ही निरस्त कर दिया जाए। इससे सवाल उठ रहे हैं कि जिस सड़क के निर्माण की शर्त पर परियोजना को मंजूरी मिली थी, उसी सड़क को अब समाप्त करने की मांग क्यों की जा रही है।
जानिए क्यों जरूरी है एमआर-15ए सड़क
- कचना ओवरब्रिज, चिल्फी हाइट, सेंट जेवियर्स स्कूल, अवंती बाई चौक, तेलीबांधा और एनएच-53 को जोड़ने वाला प्रस्तावित मार्ग।
- इस सड़ से प्रतिदिन 5 हजार से अधिक लोग आना-जाना करते हैं।
- करीब 200 मीटर हिस्सा अधूरा होने से पूरा कॉरिडोर बाधित हो रहा।
- बारिश में कीचड़, गड्ढों और जलभराव से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी
चिल्फी हाइट के सामने प्रस्तावित सड़क का निर्माण हाउसिंग बोर्ड को करना है। यह मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। मैं पूरे मामले की जांच करवाऊंगा। यदि तथ्यों की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और सड़क निर्माण से जुड़े विषय पर भी आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। -अवनीश शरण, आयुक्त, हाउसिंग बोर्ड