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जम्मू-कश्मीर में 2 लश्कर आतंकी मारे जाने की खबर:एक पहलगाम हमले के बाद बनी हिट लिस्ट में शामिल था; शोपियां में 3 घंटे चला एनकाउंटर

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां के सैदपोरा इलाके में शनिवार शाम से चल रही मुठभेड़ में लश्कर के 2 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। सुरक्षाबलों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मारे गए दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप ऑपरेटिव थे। एक आतंकी जाकिर अहमद गनी उन 14 आतंकियों की लिस्ट में शामिल था, जिसे पहलगाम हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने जारी किया था। दूसरा आतंकी जाकिर का साथी लतीफ भट है।

सुरक्षाबलों को शोपियां के सैदपोरा पायीन के पास छानपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। घेराबंदी के दौरान जब जवान आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे तो उन्होंने फायरिंग कर दी।

मुठभेड़ 4 जुलाई की शाम 7:45 बजे शुरू हुई थी। अंधेरे के कारण एनकाउंटर और सर्च ऑपरेशन रात में रोक दिया गया था। अभी तक आतंकियों के शव भी बरामद नहीं हुए हैं।

विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा, आतंकी दिखे तो 4 गांव खाली कराए

यह ऑपरेशन शुक्रवार दोपहर को शुरू किया गया था, जब सात गांव वाले मीमंदर इलाके के एक बाग में लगे सेना के कैमरे में ये दो आतंकी दिखाई दिए। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कई टुकड़ियों की टीम ने इलाके की घेराबंदी की और शाम तक 4 गांव खाली करा लिए।

सेना की खास एंटी टेरेरिज्म यूनिट, ‘विक्टर फोर्स’ ने बाग के घने पेड़ों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी का इंतजाम भी किया।

जब सेना के जवान उनकी ओर बढ़े तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना ने भी प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई।

रिपोर्ट्स में दावा- कुलगाम का रहने वाला था जाकिर

सूत्रों के मुताबिक, कुलगाम के मुतलहम गांव के रहने वाले जाकिर अहमद गनी को सुरक्षा बलों ने कल दक्षिण कश्मीर के जिलों में दूसरे आतंकवादियों के साथ ट्रैक किया था। जाकिर का नाम पाकिस्तान से जुड़े कई आतंकी हमलों से भी जुड़ा था।

अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने इनके खिलाफ नोटिस जारी किया था और हाल ही में उनका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में 14 आतंकवादियों की सूची जारी की थी और उनके घर भी गिरा दिए गए थे।

सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, जाकिर 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले साल LeT में शामिल हुआ था।

14 लोकल आतंकियों में 9 मारे गए, अब 5 की तलाश

अगर जाकिर गनी की मौत की पुष्टि हो जाती है तो 9वां आतंकी होगा, जिसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। जिन 14 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जाकिर गनी को मिलाकर उनमें से अब तक 9 मारे जा चुके हैं। 6 आतंकी मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मारे गए थे।

पहलगाम हमले के बाद से चलाए गए सेना के मेजर ऑपरेशन

  • ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025: पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए। भारत सरकार के अनुसार 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई ठिकाने निशाना बने। 6 जवान शहीद हुए, लेकिन यह जानकारी बाद में जारी की गई।
  • ऑपरेशन केलर 13 मई 2025: शुकेल-केलर और शोपियांमें राष्ट्रीय राइफल्स, भारतीय सेना, J&K पुलिस ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया था। 3 लश्कर आतंकी ढेर किए। इन्हीं में टॉप कमांडर शाहिद कुट्टे शामिल था। इसकी मौत से दक्षिण कश्मीर में लश्कर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
  • ऑपरेशन महादेव 28 जुलाई 2025: हरवन-दाचीगाम (महादेव रिज), श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल्स, पैरा स्पेशल फोर्सेज, CRPF, J&K पुलिस ने मिलकर चलाया। 3 पाकिस्तानी आतंकी (सुलेमान शाह/फैसल जट्ट, अबू हमजा यासिर/जिब्रान) मारे गए। सरकार ने इन्हें पहलगाम हमले में शामिल बताया था।
  • ऑपरेशन अखल अगस्त 2025: कुलगाम इलाके में बने अखल जंगल में भारतीय सेना, J&K पुलिस, CRPF ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। इसमें 3 आतंकी मारे गए। सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के जंगलों में सक्रिय मॉड्यूल पर कार्रवाई की थी।
  • ऑपरेशन गुड्डर 7–17 सितंबर 2025: कुलगाम में गुड्डर जंगल में चिनार कॉर्प्स, CRPF, SOG, J&K पुलिस ने ऑपरेशन चलाया था। इसमें 2 आतंकी मारे गए। साथ ही सेना के 2 जवान सूबेदार प्रभात गौर और लांस नायक नरेंद्र सिंधु शहीद हुए थे।
  • ऑपरेशन शेरोवाली जून 2026: दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों की श्रृंखला है। लंबे समय से चल रहा है। इसमें आतंकियों के मददगारों को भी पकड़ा जा रहा है। आतंकी ठिकाने खोजकर नष्ट किए जा रहे हैं। ऑपरेशन फिलहाल जारी है।

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