धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मानसून अब पूरी तरह मेहरबान हो गया है। शुरुआती दौर में बारिश की कमी से सूखे की आशंका और धान की बोनी-रोपाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। खेतों में पर्याप्त पानी भरने के साथ ही जिलेभर में धान की बोनी, नर्सरी और रोपाई का काम तेज हो गया है।
52.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज
कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) द्वारा जारी वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार रविवार (5 जुलाई) को जिले में औसतन 52.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आज धमतरी तहसील में सर्वाधिक 73.0 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा कुरूद में 64.5 मिमी, भखारा में 51.7 मिमी, कुकरेल में 49.0 मिमी, मगरलोड में 45.5 मिमी, नगरी में 42.2 मिमी तथा बेलरगांव में 39.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
धमतरी में सामान्य से 62% अधिक बारिश
एक जून से 5 जुलाई तक जिले में औसतन 235.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत 147.2 मिमी से 62.4 प्रतिशत अधिक है। जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 1352.4 मिमी है। संचित वर्षा में नगरी 253.4 मिमी के साथ सबसे आगे है। इसके बाद धमतरी में 267.8 मिमी, मगरलोड में 233.4 मिमी, कुकरेल में 229.1 मिमी, बेलरगांव में 227.4 मिमी, कुरूद में 226.0 मिमी तथा भखारा में 213.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
किसानों के चेहरे पर खुशी
जिले के कुरूद, मगरलोड, नगरी, धमतरी, भखारा, कुकरेल और बेलरगांव क्षेत्र के अधिकांश गांवों में किसान धान की बोनी और रोपाई में जुट गए हैं। खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध होने से खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण फसल धान के लिए अनुकूल माहौल बन गया है।
धान के लिए वरदान है यह बारिश
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभकारी है। किसानों को खेतों की मेढ़ मजबूत रखने, अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने तथा लगातार बारिश के दौरान उर्वरकों का प्रयोग फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। जिन किसानों की बोनी अभी शेष है, उनके लिए भी यह समय सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने से सिंचाई व्यवस्था हुई और मजबूत
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक जिले में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही वर्षा से तालाबों, नहरों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है, जिससे आगामी दिनों में सिंचाई व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश ने सूखे की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है और अब अच्छी खरीफ फसल की उम्मीद मजबूत हो गई है।