आपके किचन में इस्तेमाल होने वाला चाकू अगर जंग खा चुका है, ब्लेड टूट रहा है या उसकी सतह खुरदरी हो गई है तो इसे नजरअंदाज करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खराब और जंग लगे चाकू से काटे गए भोजन में धातु के सूक्ष्म कण और दूसरे दूषित तत्व मिलने का जोखिम हो सकता है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को जंग लगे, क्षतिग्रस्त और गैर-फूड ग्रेड चाकू एवं कटिंग उपकरणों का इस्तेमाल बंद करने की सलाह दी है।
भले ही यह एडवाइजरी मुख्य रूप से फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के लिए है, लेकिन घर की रसोई में भोजन तैयार करने वाले लोगों के लिए भी इससे महत्वपूर्ण फूड सेफ्टी सीख मिलती है।
जंग लगे चाकू को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
जंग लगा या खराब चाकू केवल देखने में गंदा नहीं होता, बल्कि भोजन की स्वच्छता को भी प्रभावित कर सकता है।
चाकू के ब्लेड पर जंग, दरार या खुरदरी सतह होने पर उसमें भोजन के छोटे कण और गंदगी फंस सकती है। ऐसी जगहों को सामान्य तरीके से साफ करना मुश्किल हो सकता है।
इसके कारण भोजन में जंग या धातु के छोटे कण मिलने और सूक्ष्मजीवों से दूषित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
जंग लगे चाकू से कैसे दूषित हो सकता है खाना?
खराब चाकू कई तरह से भोजन की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
ब्लेड से जंग और मेटल के सूक्ष्म कण भोजन में मिल सकते हैं। वहीं खुरदरी और क्षतिग्रस्त सतह पर गंदगी और बैक्टीरिया टिक सकते हैं।
अगर एक ही गंदे चाकू से कच्चा मांस और बाद में सलाद या दूसरे रेडी-टू-ईट फूड काटे जाएं तो क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा भी बढ़ सकता है।
ब्लेड का कोई हिस्सा चिप्ड या टूटा हुआ है तो धातु के बेहद छोटे टुकड़े भोजन में मिलने की आशंका हो सकती है।
सेहत पर पड़ सकता है असर
दूषित भोजन खाने से पेट और पाचन से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है।
अगर भोजन हानिकारक बैक्टीरिया से दूषित हो जाए तो फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को दूषित भोजन से होने वाले संक्रमण का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
गंभीर या लगातार लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
चाकू पर आखिर जंग क्यों लगती है?
चाकू पर जंग लगने का सबसे सामान्य कारण नमी है। चाकू धोने के बाद अगर ब्लेड पर पानी की बूंदें रह जाती हैं और उसे बिना सुखाए रख दिया जाता है तो जंग लगने की संभावना बढ़ सकती है।
हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी धातु की सतह के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है।
नमक वाली चीजें, नींबू, टमाटर, सिरका और दूसरे एसिडिक फूड काटने के बाद चाकू को लंबे समय तक बिना धोए छोड़ने से भी ब्लेड प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा ब्लेड पर खरोंच, खराब गुणवत्ता वाला मेटल और चाकू को नम जगह पर स्टोर करना भी जंग का कारण बन सकता है।
ये 6 संकेत दिखें तो चाकू बदलने पर करें विचार
अगर चाकू के ब्लेड पर गहरी जंग दिखाई दे रही है तो इसे बदलने की जरूरत हो सकती है।
ब्लेड में गड्ढे बनना, किनारों का टूटना या चिप होना, सतह का ज्यादा खुरदरा होना, हैंडल का ढीला या टूटा होना और चाकू पर ऐसी गंदगी या परत जमना जिसे साफ नहीं किया जा सके, खराब उपकरण के संकेत हो सकते हैं।
ऐसे चाकू का इस्तेमाल भोजन तैयार करने के लिए नहीं करना चाहिए।
किन फूड आइटम पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी?
फल और सब्जियों को काटते समय साफ चाकू का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सेब, खीरा, टमाटर, तरबूज और सलाद पत्तों जैसी चीजों को कई बार बिना पकाए खाया जाता है।
मीट, मछली और चिकन में नमी और प्रोटीन अधिक होने के कारण गलत हैंडलिंग से बैक्टीरिया बढ़ने का जोखिम हो सकता है।
नींबू, संतरा, अनानास और टमाटर जैसे एसिडिक फूड भी धातु की खराब सतह को प्रभावित कर सकते हैं।
सैंडविच, फ्रूट चाट, सलाद और ब्रेड जैसे रेडी-टू-ईट फूड को काटते समय विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि इन्हें काटने के बाद दोबारा पकाया नहीं जाता।
क्या जंग घिसने के बाद चाकू दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं?
यह जंग की स्थिति और ब्लेड को हुए नुकसान पर निर्भर करता है।
अगर जंग केवल सतह पर बेहद हल्की है और ब्लेड पूरी तरह साफ, चिकना और सुरक्षित स्थिति में है तो उचित सफाई और सैनिटाइजेशन के बाद उसका इस्तेमाल संभव हो सकता है।
लेकिन जंग के कारण ब्लेड में गहरे गड्ढे, दरारें या खुरदुरापन आ गया है तो चाकू बदलना बेहतर विकल्प है।
ऐसी सूक्ष्म दरारों और खांचों में गंदगी और बैक्टीरिया छिप सकते हैं।
स्टेनलेस स्टील के चाकू में भी लग सकती है जंग
कई लोग मानते हैं कि स्टेनलेस स्टील के चाकू पर कभी जंग नहीं लगती, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसकी सतह भी प्रभावित हो सकती है।
चाकू को लंबे समय तक गीला छोड़ना, नमक या एसिडिक पदार्थों के संपर्क में रखना और धोने के बाद ठीक से न सुखाना ब्लेड को नुकसान पहुंचा सकता है।
सतह पर गहरी खरोंच और कम गुणवत्ता वाला स्टेनलेस स्टील भी समस्या बढ़ा सकता है।
चाकू को जंग से बचाने के आसान तरीके
चाकू इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसे अच्छी तरह धोएं। धोने के बाद साफ और सूखे कपड़े से ब्लेड को पूरी तरह पोंछें।
चाकू को गीले सिंक में लंबे समय तक न छोड़ें और नम जगह पर स्टोर करने से बचें।
नींबू, टमाटर, सिरका या नमक वाली चीजें काटने के बाद ब्लेड को जल्द साफ करें।
चाकू को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें। ब्लेड की नियमित जांच करें और जंग या नुकसान के शुरुआती संकेत दिखने पर तुरंत कार्रवाई करें।
घर में फूड सेफ्टी के लिए अपनाएं ये 9 जरूरी टिप्स
खाना बनाने से पहले साबुन और साफ पानी से हाथ धोएं। भोजन तैयार करने के लिए साफ और सूखे बर्तनों का इस्तेमाल करें।
जंग लगे या टूटे किचन उपकरणों का उपयोग न करें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही काटें।
कच्चे और पके भोजन को अलग-अलग रखें। संभव हो तो कच्चे मांस और सब्जियों के लिए अलग कटिंग बोर्ड इस्तेमाल करें।
भोजन को सुरक्षित तापमान पर स्टोर करें और पैक्ड फूड की एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
किचन काउंटर और कटिंग बोर्ड की नियमित सफाई करें। बचा हुआ भोजन लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित तरीके से फ्रिज में रखें।
किचन में छोटी-सी लापरवाही भोजन की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। इसलिए चाकू और दूसरे कटिंग उपकरणों की नियमित जांच करना भी फूड सेफ्टी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी स्वास्थ्य समस्या या गंभीर लक्षण की स्थिति में योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें।