Meta Pixel

घर बनाना हुआ महंगा : 1000 वर्ग फीट का बजट पहुंचे 25 लाख तक

Spread the love

रायपुर। महंगाई की मार अपना आशियाना बनाने पर भी पड़ी है। अब मध्य वर्ग के लिए घर बनाना भी बहुत महंगा हो गया है। जो हजार वर्गफीट का घर पहले 19 से 20 लाख में बन जाता था, वह अब 24 से 25 लाख में बन रहा है। ऐसे में पांच लाख रुपए ज्यादा लग रहे हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि हर तरह का मटेरियल महंगा हो गया है।

मटेरियल के दाम 40 फीसदी तक बढ़ने के कारण घर बनाना भी 25 फीसदी तक महंगा हो गया है। अपना घर बनाना हर इंसान का सपना होता है। मध्यम वर्ग का इंसान चाहता है कि उसका खुद का आशियाना कम से कम दाम में बन जाए, लेकिन इस समय युद्ध के कारण हर सेक्टर के सामानों के दाम में आग लग गई है। इसके कारण अपना घर बनाना बहुत महंगा हो गया है। कुछ सेक्टरों ने तो मौका का फायदा उठाते हुए भी दाम बढ़ा दिए हैं।

सरिया, सीमेंट के दाम बढ़े
घर बनाने के काम में आने वाला सरिया और सीमेंट के दाम भी आसमान पर चले गए हैं। जो सरिया पहले 50 हजार रुपए टन था उसके दाम इस समय 60 हजार से ज्यादा हो गए हैं। सीमेंट के दाम तो कंपनियों ने अपनी मर्जी से बढ़ा दिए हैं। इसके दाम में 30 रुपए तक का इजाफा हो गया है। सीमेंट तीन सौ रुपए के पार है। अलग-अलग ब्रांड का सीमेंट 300 से 350 रुपाए है। रेत, गिट्टी, ईट के दाम भी 30 फीसदी बढ़ गए हैं। मानसून में इसके दाम और बढ़ेंगे।

बिजली का सामान बहुत महंगा
बिजली का सामान इस समय बहुत ज्यादा महंगा हो गया है। सबसे ज्यादा असर बिजली के तारों पर पड़ा है। इसके दाम 30 से 40 फीसदी बढ़ गए हैं। कॉपर महंगा होने के कारण कॉपर के तार महंगे हो गए हैं। जो ढाई एमएम की तार पहले 5 रुपए फीट के हिसाब से मिलती थी, उसके दाम 35 से 40 रुपए हो गए है। इसी तरह से चार एमएम की तार के दाम 40 रुपए से बढ़कर 55 से 60 रुपए हो गए है। प्लास्टिक महंगा होने के कारण बिजली के स्विच और अन्य सामानों के दाम भी 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। बिजली के पाइप के दाम भी इजाफा हो गया है।

रंग, पेंट महंगा
रंग और पेंट के दाम में भी भारी इजाफा हो गया है। इसके दाम भी 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। अच्छी कंपनी का जो पेंट पहले 200 रुपाए लीटर आता था उसके दाम 250 रुपए लीटर हो गए हैं। 400 रुपए लीटर वाले पेंट के दाम 500 रुपए और 800 रुपए वाले पेंट के दाम 1000 रुपए हो गए हैं। अन्य रंग-रोगन का दूसरा मटेरियल भी 15 से 20 फीसदी महंगा हो गया है। सेनेटरी का सामान भी 20 फीसदी तक महंगा हुआ है।

टाइल्स, विंडो, दरवाजे महंगे
गुजरात के मोरबी में सबसे ज्यादा टाइल्स का उत्पादन होता है। एलपीजी गैस न मिलने के कारण यहां के पांच सौ से ज्यादा प्लांट बंद हो गए थे। हालांकि अब प्लांट वापस खुलने लगे हैं, लेकिन सभी प्लांट अभी नहीं खुल पाए है। ऐसे में अपने प्रदेश में भी टाइल्स की सप्लाई बहुत कम हो रही है। टाइल्स की कीमत भी 20 से 25 फीसदी बढ़ गई है। जो टाइल्स पहले 60 रुपए फीट में मिलती थी, उसके दाम 75 से 80 रुपए हो गए हैं। कम कीमत वाली 40 रुपए फीट वाली टाइल्स के दाम 50 से 55 रुपए हो गए हैं। इसी के साथ स्टील और पीवीसी के विंडो के दाम 20 फीसदी तक बढ़े हैं। लकड़ी के दरवाजों के दाम भी 15 फीसदी तक बढ़े हैं। प्लाई का रेट भी 15 से 20 फीसदी बढ़ा है। एल्युमिनियम के दाम भी बढ़ने से इसके दरवाजे और खिड़‌कियों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *