रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने का फैसला लिया है। अभी अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग एप हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। सरकार अब राज्य स्तर पर एकीकृत प्लेटफॉर्म/एप बनाएगी। भारत सरकार भी यूनिवर्सल ईवी चार्जिंग एप ला रही है। चिप्स के जरिए ऊर्जा विभाग पहले ही पायलट एप पर काम कर रहा है।
केंद्र की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने पर वित्तीय सहायता और छत्तीसगढ़ ईवी नीति-2022 के प्रोत्साहन दिया जाएगा। सभी जिलों के आरटीओ, डीटीओ से कहा गया है कि अपने क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह चिन्हित करने और एनओसी की प्रक्रिया तेज करें। एचपीसीएल, बीपीसीएल, एलओसीएल, जिओ-बीपी के निर्माताओं ने राज्य में लगे और प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी दी और आगे विस्तार की योजना बताया।
हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा
सचिव सह-परिवहन आयुक्त एस प्रकाश ने बताया कि, ईवी चार्जिंग का मजबूत नेटवर्क बनाना और लोगों को समय पर जानकारी देना जरूरी है। इससे हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्यभर में आसान और सुलभचार्जिंग सुविधा देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
200 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनेंगे
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग के लिए विभिन्न स्थानों में 200 से ज्यादा स्टेशन खुलेंगे। इसके लिए नियमानुसार चार्जिंग स्टेशन खोलने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। नियमानुसार एनओसी और बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं उसके क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया।