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वासेपुर के गैंगस्टर के मददगारों पर FIR : अंबिकापुर पहुंची झारखंड पुलिस, लपेटे में आया बस संचालक भी

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अम्बिकापुर। सालों से अंबिकापुर में छिपकर बैठे झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम को भगाने के मामले में अंबिकापुर कोतवाली में मददगारों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। मामले की जांच करने के लिए झारखंड की पुलिस अंबिकापुर पहुंची हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, गैंग्स ऑफ वासेपुर के गैंगस्टर शब्बीर आलम ने सरगुजा में भी अपना एक साम्राज्य खड़ा कर दिया था। दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद आरोपी अपने साथी के साथ शहर में पिछले 13 सालों से रह रहा था। इस दौरान उनसे शहर में आलीशान मकान बनाने के साथ ही बस व एंबुलेंस संचालन का काम भी किया।

बस संचालक पर शब्बीर को शरण देने का आरोप  
अब अंबिकापुर के बस संचालक बैदुल पर शब्बीर को शरण देने का आरोप है। बैदुल, गैंगस्टर शब्बीर आलम का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वासेपुर का गैंगस्टर शाकिब अफजल 15 साल से अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। शाकिब पर हत्या, लूट और AK-47 से हमले समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह यहां पहचान बदलकर रह रहा था, झारखंड में पहले ही उसकी संपत्ति कुर्क हो चुकी है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क और स्थानीय मददगारों की जांच में जुटी है।

13 साल से पहचान छिपाकर शहर में रह रहा था गैंगस्टर सब्बीर आलम
बता दें कि, झारखंड के गैंगस्टर सब्बीर आलम और उसके साथी को गिरफ्तार करने के लिए 3 जुलाई को धनबाद की पुलिस गिरफ्तार करने के लिए आई थी। आरोपी सब्बीर आलम और उसके साथी पर गैंग्स ऑफ वासेपुर के डॉन फहीम खान की मां और चाची की हत्या का आरोप था।

हालांकि जब धनबाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए रिंग रोड मोनीनपूरा स्थित घर में छापा मारा तो मौके पर मौजूद लोगों के विरोध का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकला था और अब तक उसका पता नहीं चल सका है। इस बीच कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वर्ष 2013 में पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद आरोपी सब्बीर आलम अपने साथी जावेद खान के साथ शहर के मोनीनपुरा में रह रहा था।

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