रायपुर – छत्तीसगढ़ में डिजिटल न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में रविवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा शामिल हुए। कार्यक्रम में न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस महानिदेशक (DGP), न्यायिक अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। वहीं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल सिस्टम पर होगा मंथन
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ICJS (Interoperable Criminal Justice System) और CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) के बेहतर उपयोग तथा न्यायपालिका, पुलिस और अभियोजन तंत्र के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
कार्यशाला से क्रिमिनल जस्टिस होगा प्रभावी : CJ रमेश सिन्हा
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला केवल रिकॉर्ड प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को तेज, आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड, ई-चालान, न्याय श्रुति, बीएनएस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग एवं आवश्यक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
डिजिटल साक्ष्य अपराधियों तक पहुंचने में अहम : सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को लेकर आयोजित यह कार्यशाला बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी नए कानून प्रभावी रूप से लागू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में डिजिटल साक्ष्य अपराधों की जांच का सबसे मजबूत माध्यम बन चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, डिजिटल डेटा और फॉरेंसिक जांच के जरिए अपराधियों तक पहुंचना आसान हुआ है और दोषियों को सजा दिलाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि CCTNS के माध्यम से देशभर के थाने आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे अपराधियों की जानकारी और मामलों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से हो रही है।
साइबर अपराध से निपटने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध आज बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में 9 साइबर थानों की स्थापना की है, ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि डिजिटल तकनीक और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी उपयोग से प्रदेश की न्याय व्यवस्था और अधिक पारदर्शी, तेज एवं सशक्त बनेगी।