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छात्राओं की शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई : प्री-मैट्रिक छात्रावास में अव्यवस्थाओं के आरोप सही पाए गए, अधीक्षिका पद से हटाई गईं

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पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले के मरवाही विकासखंड स्थित सेमरदर्री प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हरिभूमि डॉट कॉम द्वारा छात्रावास की अव्यवस्थाओं और छात्राओं की शिकायतों को प्रमुखता से प्रसारित किए जाने के बाद हुई विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर प्रभारी अधीक्षिका ऋतु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।

खराब भोजन और दुर्व्यवहार की शिकायत
गौरतलब है कि, छात्राओं ने अधीक्षिका पर खराब भोजन उपलब्ध कराने, दुर्व्यवहार करने, निजी कार्य करवाने और छात्रावास में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं का कहना था कि, उन्हें समय पर नाश्ता नहीं दिया जाता था, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब रहती थी और कई बार खाने में कीड़े तक पाए गए। इसके अलावा साबुन जैसी आवश्यक सामग्री भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।

अधीक्षिका पर छात्राओं से निजी काम कराने और धमकाने का आरोप
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया था कि, अधीक्षिका अपने लिए अलग भोजन बनवाती थीं और भोजन के बाद बर्तन भी छात्राओं से धुलवाए जाते थे। शिकायत करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया और शिकायत वापस लेने के लिए पुलिस कार्रवाई की चेतावनी तक दी गई थी।

जांच में शिकायतें सही मिलने पर अधीक्षिका पर हुई कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए आदिवासी विकास विभाग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के सहायक आयुक्त गोपेश मनहर ने जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिसमें शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद विभाग ने प्रभारी अधीक्षिका ऋतु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए उनके मूल पदस्थापना स्थल प्राथमिक शाला बालक, सिवनी में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए हैं।

छात्रावास व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
विभागीय आदेश के अनुसार, प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास बंशीताल की प्रभारी अधीक्षिका बर्नाडीन तिर्की को सेमरदर्री छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई को छात्राओं की शिकायतों और मीडिया द्वारा उठाए गए मुद्दे पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने उम्मीद जताई है कि नई व्यवस्था के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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