Meta Pixel

बारिश में ‘धुली’ तांबे की प्रतिमा : सीतापुर के अटल परिसर की गुणवत्ता पर विवाद

Spread the love

सीतापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर नगर पंचायत में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की स्थापित प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर के वार्ड क्रमांक-10 स्थित अटल परिसर में छह माह पहले स्थापित प्रतिमा में बारिश के बाद दरारें पड़ने लगी हैं और बाहरी परत का रंग उखड़ने से भीतर सीमेंट जैसी सामग्री दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और प्रतिमा के निर्माण में अनियमितता तथा गुणवत्ता से समझौते के आरोप लग रहे हैं।

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत नगरीय निकायों में अटल परिसर विकसित किए जा रहे हैं, जहां स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जानी थी। सीतापुर में करीब 20 लाख रुपये की लागत से अटल परिसर का निर्माण कराया गया जबकि प्रतिमा स्थापना के लिए लगभग 13 लाख रुपये का प्रावधान था।

तांबा बताकर लगा दी सीमेंट की मूर्ति
जानकारी के अनुसार , ठेकेदार ने लगभग 6.99 लाख रुपये में कार्य का ठेका लिया था। आरोप है कि तांबे की प्रतिमा के बजाय सीमेंट से बनी प्रतिमा पर विशेष पेंट चढ़ाकर उसे तांबे जैसा स्वरूप दिया गया। बारिश शुरू होते ही पेंट उखड़ने लगा और प्रतिमा में कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगीं, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि,  प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर स्थापना के समय भी आपत्तियां उठाई गई थीं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। अब मामला सामने आने के बाद दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

प्रतिमा गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं
लोगों का कहना है कि,  भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जैसी महान विभूति की प्रतिमा के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं है।  मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने नाराजगी जताते हुए नगर पंचायत अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य या प्रतिमा की गुणवत्ता में कमी की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। विधायक ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रोका गया भुगतान
नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही संशय था। इसी कारण ठेकेदार का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। जांच रिपोर्ट और उच्चाधिकारियों के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों को अब जांच के निष्कर्ष और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *