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Migraine Pain Relief: माइग्रेन अटैक में राहत के लिए अपनाएं ये 6 आसान तरीके, जानें किन आदतों से बचना जरूरी

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Migraine Pain Relief: माइग्रेन को सिर्फ सामान्य सिरदर्द समझना सही नहीं है। इसमें अक्सर सिर में तेज धड़कता या पल्सिंग दर्द हो सकता है और कई लोगों को इसके साथ मतली, उल्टी या तेज रोशनी और आवाज से परेशानी भी होती है। कुछ मामलों में दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं।

माइग्रेन के ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। नींद में बदलाव, तनाव, लंबे समय तक खाना न खाना, शरीर में पानी की कमी और ज्यादा कैफीन कुछ लोगों में अटैक को बढ़ा सकते हैं। इसलिए माइग्रेन शुरू होने पर कुछ सेल्फ-केयर उपाय आजमाए जा सकते हैं।

1. अंधेरे और शांत कमरे में आराम करें

माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी और शोर परेशानी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में किसी शांत और कम रोशनी वाले कमरे में जाकर आराम करना मददगार हो सकता है।

कुछ समय के लिए मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर जैसी तेज रोशनी वाली स्क्रीन से दूरी बनाएं। आंखें बंद करके आराम करना या जरूरत महसूस होने पर थोड़ी देर सोना भी राहत देने में मदद कर सकता है।

2. माथे या गर्दन पर ठंडी पट्टी लगाएं

कुछ लोगों को माइग्रेन के दौरान माथे या गर्दन पर ठंडी पट्टी या कपड़े में लपेटकर कोल्ड पैक लगाने से राहत मिल सकती है।

अगर गर्म सिकाई या गर्म पानी से नहाने पर आपको ज्यादा आराम मिलता है, तो वह विकल्प भी आजमाया जा सकता है। कोल्ड पैक को सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय कपड़े में लपेटना बेहतर है।

3. शरीर में पानी की कमी न होने दें

डिहाइड्रेशन कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थ लेते रहना जरूरी है।

माइग्रेन के दौरान अगर जी मिचला रहा हो तो एक साथ ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल लेते रहें।

कैफीन के मामले में भी संतुलन जरूरी है। कुछ लोगों को थोड़ी मात्रा में कैफीन से राहत मिल सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा या बार-बार कैफीन लेने से सिरदर्द या नींद से जुड़ी समस्या बढ़ सकती है।

4. खाना स्किप न करें

लंबे समय तक खाली पेट रहना कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि भोजन का समय नियमित रहे और लंबे अंतराल तक खाना न छोड़ें।

अगर किसी खास भोजन के बाद बार-बार माइग्रेन होता है, तो एक हेडेक डायरी बनाकर यह नोट किया जा सकता है कि आपने क्या खाया था और उसके बाद कब सिरदर्द शुरू हुआ। इससे व्यक्तिगत ट्रिगर पहचानने में मदद मिल सकती है।

5. तनाव कम करने के लिए रिलैक्सेशन करें

तनाव माइग्रेन के संभावित ट्रिगर्स में शामिल है। दर्द शुरू होने पर कुछ देर शांत बैठकर धीमी और गहरी सांस लेने की कोशिश की जा सकती है।

मेडिटेशन, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज और माइंडफुलनेस जैसी तकनीकें तनाव को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं। नियमित रूप से तनाव प्रबंधन की आदत विकसित करना भी माइग्रेन को संभालने में उपयोगी हो सकता है।

6. सोने और जागने का समय नियमित रखें

बहुत कम नींद, ज्यादा नींद या सोने-जागने के समय में लगातार बदलाव कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।

इसलिए कोशिश करें कि रोज लगभग एक ही समय पर सोएं और उठें। रात में सोने से पहले स्क्रीन और अन्य उत्तेजक गतिविधियों को कम करने से भी बेहतर नींद की दिनचर्या बनाने में मदद मिल सकती है।

माइग्रेन का पैटर्न समझने के लिए बनाएं डायरी

अगर माइग्रेन बार-बार होता है, तो तारीख, दर्द शुरू होने का समय, कितनी देर रहा, उस दिन की नींद, भोजन, तनाव और संभावित ट्रिगर नोट करें।

इस तरह की डायरी डॉक्टर के साथ बातचीत के दौरान भी उपयोगी हो सकती है और इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपके माइग्रेन को कौन-सी चीजें प्रभावित कर रही हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर माइग्रेन बार-बार होने लगा है, पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर हो गया है या घरेलू उपायों से राहत नहीं मिल रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। माइग्रेन के लिए जरूरत के अनुसार दवाएं और बचाव की उपचार योजनाएं उपलब्ध हैं।

दर्द निवारक दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी समस्या बढ़ा सकता है। NHS के अनुसार, दर्द की दवाएं सप्ताह में दो दिन से ज्यादा लेने से medication-overuse headache का जोखिम बढ़ सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। माइग्रेन की बार-बार होने वाली समस्या, बहुत तेज या असामान्य सिरदर्द, गर्भावस्था या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर की सलाह के बिना उपचार शुरू या बंद न करें।

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