भिलाई। रेलवे अफसर द्वारा पुराना बकाया बिल पास कराने के नाम पर ठेकेदार से रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद सीबीआई ने मामले में प्रारंभिक जांच कर आरोपी रेलवे अधिकारी को भिलाई तीन के रेलवे दफ्तर में रिश्वत लेते रंगे हाथों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार देर शाम रेलवे पीपी यार्ड में सीबीआई की टीम ने दबिश देने पहुंची। रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे ठेकेदार से रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।
केमिकल लगे नोटों से ट्रैप
गुरुवार को सीबीआई की टीम पीपी यार्ड भिलाई तीन पहुंची। टीम में करीब 10 अधिकारी मौजूद थे। इनमें दिल्ली के साथ रायपुर, दुर्ग की टीम के अधिकारी भी शामिल थे। टीम ने ठेकेदार दीपक वर्मा को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा देकर अफसर के पास भेजा। जैसे ही अनमोल उइके ने लिफाफा लिया, तभी सीबीआई की टीम ने कार्यालय में दबिश दी। कार्यालय में दबिश दी। रेलवे अधिकारी के हाथ धुलवाए गए। हाथों पर केमिकल का रंग दिखाई दिया।
भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े वैगन रिपेयरिंग काम में मांगी रिश्वत
बता दें कि, भिलाई तीन पर स्थित पीपी यार्ड में भिलाई स्टील प्लांट के लिए आयरन ओर और कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के रेक की अनलोडिंग के बाद वैगन की जांच की जाती है। एनएसपीसीएल के लिए कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के वैगन भी यहां जांचे जाते हैं। वैगन में टूट-फूट या तकनीकी खराबी मिलने पर उसकी मरम्मत की जाती है। बताया जाता है कि यार्ड में होने वाला यह काम अलग-अलग ठेकों के जरिए कराया जाता है। इसी ठेका प्रक्रिया और पुराने बिलों के भुगतान को लेकर ठेकेदार की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।