BRICS Summit 2026: आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार, 20 अगस्त को तैयारियों की समीक्षा के लिए अहम बैठक की। बैठक में सम्मेलन से जुड़ी व्यवस्थाओं, सुरक्षा, ट्रैफिक और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
दिल्ली की तैयारियों की हुई समीक्षा
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए साझा की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली में चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई है। साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने काम पूरे करने और बेहतर आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सम्मेलन के दौरान दिल्ली आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए प्रमुख स्थानों और प्रतिनिधियों के आवागमन वाले मार्गों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की योजना पर चर्चा हुई।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर खास फोकस
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान राजधानी में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को विशेष तैयारी करने को कहा गया है। प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा शहर की साफ-सफाई और रखरखाव, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तथा अन्य जरूरी सेवाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
‘अतिथि देवो भव:’ की भावना से होगा स्वागत
LG ने कहा कि भारत की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा के अनुरूप दिल्ली में आने वाले सभी प्रतिनिधियों का सुरक्षित, व्यवस्थित और गर्मजोशी से स्वागत किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
12-13 सितंबर को होगा ब्रिक्स सम्मेलन
भारत इस वर्ष 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित है। भारत इससे पहले भी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है और इस बार सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, वैश्विक शासन में सुधार, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सतत विकास जैसे मुद्दे प्रमुख चर्चा का विषय रह सकते हैं।
सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज
ब्रिक्स समिट को देखते हुए दिल्ली में विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सम्मेलन के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, चिकित्सा और प्रतिनिधियों के स्वागत से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।